Varanasi के थोक कारोबारियों से धोखाधड़ी कर 10 करोड़ से भी अधिक का चूना लगाने वाली अभियुक्ता की पुलिस ने गिरफ्तारी कर लिया है। अभियुक्ता पहचान ऋचा भार्गव के रूप में हुई है। बनारस (Varanasi) में माल मंगाकर उसे बेचने के बाद भुगतान किए बिना महिला फरार हो गई थी। वहीं अभियुक्त को गुरुवार की सुबह हरियाणा के सोनीपत के एक होटल से उसकी गिरफ्तारी हो गयी। वहीं कागज के कारोबार दिखाकर माल मंगाकर फरार हो गयी। साथ ही ठगी के मामले में पति पहले ही जेल जा चूका है।
वहीं गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 35 लाख की नगदी और फर्जी दस्तावेज समेत कई नकली बिल बाउचर भी बरामद हुआ है। हांलाकि पुलिस ने सर्विलांस से लोकेशन निकालकर महिला का पता लगाया, जिसके बाद बनारस से गई पुलिस (Varanasi) टीम ने उसे गिरफ्तार किया। वहीं अभियुक्ता को पुलिस ने अपने साथ बनारस ले आयी है। जहाँ उससे गहन पूछताछ करने के बाद उसे कोर्ट में पेस किया गया। जहाँ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेल भेजने का फैसला सुनाया। वहीं इस मामले में आगे की कार्यवाई की जा रही है।
Varanasi:दम्पति राज्य छोड़कर फरार
वहीं ऋचा भार्गव ने शर्थक वणिज्य इंडिया प्राइवेट लिमिटेड फार्म के साथ कागजी व्यापारिक लेन-देन किया था। जिसमें उसने 35 लाख रकम को बकाया किया था। जिसके बाद भुगतान करने के लिए कहे जाने पर भी उन्होंने बाद में देने का दिलासा दिलाया। वहीं अचानक ही उनके कार्यालयों मकानों पर ताला लगने की खबर सुनकर व्यापारी घबरा गया। दोनों दंपत्ति अपने मोबाईल को भी बंद कर लिए थे। साथ हीराज्य छोड़कर बहर कहीं छिप गये थे। इसी बिच वाराणसी (Varanasi) पुलिस ने मामले को संज्ञान में लहर कार्यवाई शुरू की।
वाराणसी (Varanasi) कमिश्नरेट के थाना चौक पुलिस ने 35 लाख रुपये की ठगी के मामले में अभियुक्ता रिचा भार्गव को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा ऋचा भार्गव ने बनारस के व्यापारियों को 10 करोड़ की ठगी भी किया है। उसने कागज के व्यापार दिखाकर माल मंगवाया और फिर भुगतान के समय फरार हो गयी।
वहीं डीसीपी का यह भी कहना है कि इसके पति शरद भार्गव को पहलेल ही जेल भेजा जा चूका है। उसके खिलाफ भी कई केस दर्ज थे, जिसमें पत्नी ऋचा मददगार थी, जिस पर भी चौक थाने में 6 केस दर्ज हैं।

