मणिकर्णिका घाट को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) शनिवार को काशी पहुंचे और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। रानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़े जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सीएम ने कहा कि काशी को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश रची गई है, इसी कारण उन्हें खुद यहां आना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए और जनता को भ्रमित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
AI से फर्जी वीडियो बनाकर जनता को किया जा रहा गुमराह
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि मंदिर तोड़े जाने की बातें सरासर झूठ हैं। अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को पूरी तरह संरक्षित किया गया है और जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद यह प्रतिमा नए स्वरूप में दिखाई देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एआई से बने फर्जी वीडियो और तस्वीरों के जरिए जनता को गुमराह कर रही है, जो न केवल अनैतिक बल्कि अपराध की श्रेणी में आता है।
कांग्रेस में नहीं किया कभी किसी का सम्मान
सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी अहिल्याबाई होल्कर जैसी महान शासिका का सम्मान नहीं किया। कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर हंसी भी आती है और दया भी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह वही स्थिति है, जैसे “सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।” मुख्यमंत्री ने एआई तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक सामग्री बनाने वालों को सख्त चेतावनी भी दी।
उन्होंने बताया कि 10 जनवरी को इंदौर स्थित होल्कर ट्रस्ट की ओर से मणिकर्णिका घाट पर प्रतिमा तोड़े जाने का दावा किया गया था, जिसके बाद कुछ तस्वीरें वायरल हुईं। हालांकि जिला प्रशासन ने इन तस्वीरों को एआई जनरेटेड बताया और स्पष्ट किया कि सभी मूर्तियों को सुरक्षित रखा गया है। तस्वीरें सामने आते ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमले शुरू कर दिए थे।
काशी ने 11 वर्षों में देखा अभूतपूर्व विकास- CM Yogi
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में काशी ने अभूतपूर्व विकास देखा है और यही विकास कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि काशी अविनाशी है और हर भारतीय की आस्था का केंद्र है, लेकिन आजादी के बाद लंबे समय तक यहां के समग्र विकास को वह महत्व नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था। बीते 11 वर्षों में काशी ने अपनी आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण करते हुए नई ऊंचाइयों को छुआ है और वैश्विक पहचान बनाई है।
सीएम योगी (CM Yogi) ने बताया कि काशी का प्रतिनिधित्व स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में करते हैं। पीएम मोदी की सोच रही है कि पुरातन विरासत को संरक्षित रखते हुए उसे नए कलेवर में प्रस्तुत किया जाए। इसी दृष्टि से काशी में 55 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये के कार्य पूरे हो चुके हैं और शेष पर काम जारी है।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी में नए शैक्षणिक संस्थान खुले हैं, कैंसर जैसे गंभीर रोगों का इलाज संभव हुआ है और उद्यमियों को जी-टैग के माध्यम से पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है। 2014 से पहले काशी की स्थिति किसी से छिपी नहीं थी।
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण से पहले प्रतिदिन 5 हजार से 25 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे, जबकि आज यह संख्या 1.25 से 1.5 लाख प्रतिदिन हो गई है। सावन, शिवरात्रि जैसे पर्वों पर यह आंकड़ा 6 से 10 लाख तक पहुंच जाता है। पिछले वर्ष 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन किए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान मिला और स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
मणिकर्णिका घाट के विकास कार्यों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि अंतिम संस्कार को सम्मानजनक और सुविधाजनक बनाने के लिए इको-फ्रेंडली तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कार्य सरकारी धन से नहीं, बल्कि कॉरपोरेट सीएसआर फंड के माध्यम से किया जा रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर, वेस्ट मैनेजमेंट, ड्रेनेज, लाइटिंग और लकड़ी भंडारण जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि धार्मिक परंपराओं में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो और डोम समुदाय के सम्मान को ठेस न पहुंचे।
सीएम योगी ने दोहराया कि अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और कांग्रेस द्वारा किया जा रहा दुष्प्रचार एआई के जरिए फैलाया गया झूठ है। उन्होंने (CM Yogi) कहा कि जो लोग देश की विरासत और आस्था को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें जनता माफ नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भड़काऊ और झूठी सामग्री बनाने वालों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और काशी को बदनाम करने की हर साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।

