FIR: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट से जुड़े सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार के कांग्रेस सांसद पप्पू यादव और हरियाणा की कांग्रेस नेता जसवीर कौर समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया है। यह कार्रवाई दशाश्वमेध थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
प्रोजेक्ट मैनेजर की तहरीर पर FIR दर्ज
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मणिकर्णिका घाट परियोजना से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजर की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई पोस्टों के जरिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया। इन पोस्टों में घाट पर चल रहे स्वच्छता और सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर भ्रामक, आपत्तिजनक और तथ्यहीन टिप्पणियां की गई थीं।
शिकायत में कहा गया है कि पोस्टों के माध्यम से यह दर्शाने की कोशिश की गई कि सौंदर्यीकरण के दौरान मणिकर्णिका घाट पर धार्मिक गतिविधियों और शवदाह से जुड़ी परंपराओं के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। आरोप है कि तस्वीरों और वीडियो के साथ की गई टिप्पणियों के जरिए न केवल काशी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया, बल्कि भारत को विदेशी ताकतों से जोड़कर देश को बदनाम (FIR) करने की कोशिश भी की गई।
पुलिस के अनुसार, जिन सोशल मीडिया खातों से ये पोस्ट साझा की गईं, उनमें मणिकर्णिका घाट से संबंधित तस्वीरें और वीडियो लगाए गए थे, जिनके साथ भ्रामक कैप्शन और टिप्पणियां जोड़ी गई थीं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे काशी की गौरवशाली परंपरा, सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है। इस मामले में नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संगम लाल की ओर से भी अलग से शिकायत दी गई है, जिसके आधार पर जांच (FIR) को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आईटी एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत FIR दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्टों की तकनीकी जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित पोस्ट 16 जनवरी की रात लगभग 10:02 बजे साझा की गई थी, जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मणिकर्णिका घाट पर नगर निगम की ओर से स्वच्छता और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है, जिसे कुछ लोगों द्वारा गलत और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर धार्मिक और संवेदनशील विषयों पर टिप्पणी करते समय संयम बरतें और बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी साझा न करें।

