Varanasi: मणिकर्णिका घाट पर सोमवार को अचानक तनाव का माहौल बन गया। अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति टूटने की सूचना ने पाल समाज को आक्रोशित कर दिया। देखते ही देखते घाट पर भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए।

विरोध प्रदर्शन और पुलिस से टकराव
प्रदर्शनकारियों ने मूर्ति टूटने की खबर को अपमान बताते हुए घाट (Varanasi) पर जमकर विरोध किया। पुलिस ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया, मगर भीड़ ने उग्र रूप ले लिया। धक्का-मुक्की के बीच एक दरोगा की वर्दी तक फट गई। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ा।

हिरासत में लिए गए लोग
पुलिस (Varanasi) ने मौके से 17-18 लोगों को पकड़कर थाने ले जाकर बैठाया। पूछताछ जारी है कि आखिर किसने अफवाह फैलाकर माहौल को बिगाड़ा। पाल समाज के लोगों का कहना है कि वे खुद घाट पर जाकर देखना चाहते हैं कि कितनी तोड़फोड़ हुई है। उनका आरोप है कि यह देश और प्रदेश का अपमान है।

Varanasi:भ्रामक पोस्ट और FIR
सोशल मीडिया पर मणिकर्णिका घाट (Varanasi) से जुड़ी तस्वीरें और पोस्ट तेजी से वायरल हुईं। प्रशासन ने इन्हें भ्रामक पाया और आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। इनमें आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव भी शामिल हैं। सभी आरोपियों को 72 घंटे के भीतर थाने में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।

एसीपी का बयान
दशाश्वमेध सर्किल (Varanasi) के एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि अलग-अलग जिलों से आए कुछ संगठन के लोग घाट पर नारेबाजी कर रहे थे। जब उन्हें घाट खाली करने को कहा गया, तो वे उग्र हो गए और धक्का-मुक्की करने लगे। पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ चल रही है।
पुलिस कमिश्नर ने किया निरीक्षण
दूसरी ओर, वाराणसी (Varanasi) के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि घाट पर कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया है। वहां जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। जिस मंदिर की तस्वीर वायरल की गई, वह सुरक्षित है और काशी विश्वनाथ धाम परिसर के भीतर स्थित है। कमिश्नर ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और वायरल तस्वीरों से मिलान कराया। जांच में पोस्ट को भ्रामक पाया गया।
पुलिस (Varanasi) ने कहा है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर लगातार नजर रखी जा रही है। आरोपियों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे तय समय में थाने नहीं पहुंचे, तो गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अफवाहों के जरिए धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

