Mau: सरायलखंसी थाना क्षेत्र ताजोपुर में सोमवार को हुए हादसे में मां-बेटी की मौत का मामला अब गरमा गया है। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की मिलीभगत और सुनियोजित हत्या का आरोप लगाते हुए मंगलवार सुबह सरायलखंसी थाने के सामने प्रदर्शन किया जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। किसी तरह कोतवाल अनिल सिंह ने परिजनों और ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलवाया और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। तब जाकर लोग शांत हुए और वापस लौट गए।
परिजनों का आरोप है कि घटना की वजह पुराना विवाद है। उनका कहना है कि आरोपी पक्ष के एक युवक पर पहले से आपराधिक मामला दर्ज था, जिसमें थाने में सुलह कराई गई थी। इसी सुलह के बाद आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने पूरे परिवार को गाड़ी से कुचलने की साजिश रची। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है।

Mau: क्या है पूरा मामला
बताते चलें कि सोमवार दोपहर मऊ (Mau) जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बाबा के पूरा ताजोपुर गांव में घर के बाहर धूप सेंक रहे एक ही परिवार के चार लोगों को तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने कुचल दिया। इस भीषण घटना में रीता देवी (50) और उनकी बेटी गोल्डी राजभर (24) की इलाज के दौरान मौत हो गई। मुखिया राजभर (70) और शिवम राजभर (25) गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

मृतकों के परिजनों के अनुसार, गांव का निवासी सचिन मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी लेकर जा रहा था। तभी कार चालक राजन ने जानबूझकर घर के सामने गाड़ी मोड़ते हुए चारों को तेज रफ्तार में कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि सभी सड़क पर दूर जा गिरे।

घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक राजन वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल जिला (Mau) अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने रीता देवी को मृत घोषित कर दिया। बाद में इलाज के दौरान उनकी बेटी गोल्डी की भी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

