Mirzapur: गरीब, असहाय और दूरदराज़ से आने वाले मरीजों की आख़िरी उम्मीद बने सरकारी अस्पतालों की हकीकत जानने शनिवार की सुबह जिलाधिकारी (Mirzapur) पवन कुमार गंगवार अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान पहुँच गए। सुबह लगभग साढ़े दस बजे हुए इस औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया। सम्पूर्ण समाधान दिवस से पहले किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि ज़मीनी सच्चाई को परखना था।
जिलाधिकारी (Mirzapur) ने अस्पताल परिसर में कदम रखते ही सबसे पहले ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, वार्डों और साफ-सफाई की व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने न केवल रजिस्टर और अभिलेख देखे, बल्कि इलाज करा रहे मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों से सीधे संवाद कर उनकी पीड़ा और अनुभव सुने। किसी ने लंबी कतार की बात कही तो किसी ने दवा मिलने में देरी की शिकायत रखी।
Mirzapur: मरीज को समयबद्ध उपचार
निरीक्षण के दौरान दवाइयों की उपलब्धता को लेकर कुछ खामियाँ सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी (Mirzapur) ने कड़ा रुख अपनाते हुए फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाही की कीमत मरीजों को अपनी सेहत से चुकानी पड़ती है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी (Mirzapur) ने तत्काल आवश्यक दवाइयों का स्टॉक बढ़ाने का आदेश देते हुए कहा कि कोई भी मरीज दवा के अभाव में बाहर से दवा खरीदने को मजबूर न हो। उन्होंने चिकित्सा प्रभारी को निर्देशित किया कि दवा सूची की नियमित समीक्षा की जाए, समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो और हर मरीज को सम्मानजनक व समयबद्ध उपचार मिले।
निरीक्षण के दौरान मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने जिलाधिकारी (Mirzapur) को बताया कि सामान्यतः उन्हें दवाइयाँ मिल जाती हैं, फिर भी कई बार जरूरी दवाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। इस पर जिलाधिकारी ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.एस. वर्मा को भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ठोस कदम उठाएगा। उन्होंने साफ-सफाई, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल सुविधा और मरीजों के लिए मूलभूत संसाधनों को और बेहतर करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी (Mirzapur) ने कहा कि सरकारी अस्पताल गरीब और जरूरतमंदों की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं। यहाँ की लापरवाही किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती है। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सी.एल. वर्मा, डॉ. एस.पी. गुप्ता, डॉ. अश्वनी कुमार सहाय, फार्मासिस्ट सुरेन्द्र कुमार दूबे, रामविलास, अनंत कुमार पाण्डेय सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

