Varanasi: राजातालाब तहसील में तैनात तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर अभद्र व्यवहार, भ्रष्टाचार और वकालत पेशे को अपमान जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वकीलों की मांग है कि तहसीलदार का तत्काल स्थानांतरण किया जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। धरने के चलते तहसील परिसर में कामकाज ठप हो गया है और आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं (Varanasi) के अनुसार, बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री ओमप्रकाश पांडे अपने मुवक्किल की खतौनी में नाम छूट जाने के सुधार के लिए तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देने पहुंचे थे। आरोप है कि तहसीलदार ने सुधार के आदेश देने से इनकार कर दिया। जब ओमप्रकाश पांडे ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की संबंधित धाराओं का हवाला देते हुए इसे तहसीलदार के अधिकार क्षेत्र का मामला बताया, तो तहसीलदार कथित रूप से नाराज हो गए और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को कह दिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह व्यवहार न सिर्फ अनुचित है, बल्कि पूरे वकील समाज का अपमान है।
Varanasi: अधिवक्ताओं का तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी
इस घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता (Varanasi) तहसील परिसर में एकत्र हो गए और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। वकीलों का साफ कहना है कि जब तक तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील में आम फरियादियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार करता है, जिससे लोगों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार भटकना पड़ता है।
शनिवार को समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी (Varanasi) वाराणसी तहसील राजातालाब पहुंचे थे। अधिवक्ताओं को उम्मीद थी कि जिलाधिकारी धरनास्थल पर आकर उनकी बात सुनेंगे, लेकिन उनके न पहुंचने से वकीलों में नाराजगी और बढ़ गई। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और प्रकरण पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल तहसील परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और अधिवक्ताओं का धरना जारी है, जिससे तहसील का नियमित कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है

