Varanasi: बीते 28 जनवरी को आदमपुर थाना क्षेत्र के कोनिया इलाके से ई-रिक्शा चालक सनी सोनकर के लापता होने के मामले का खुलासा मंगलवार को वाराणसी पुलिस द्वारा किया गया। सनी सोनकर की हत्या की पुष्टि पुलिस ने कर दी है। सनी की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही चार दोस्तों ने मिलिकर की है। इस मामले मने कामयाबी हासिल करते हुए आदमपुर पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सनी से उनका विवाद कमीशन के किसी रूपये की लेनदेन को लेकर हुआ था। जिसके बाद उन्होंने सनी की हत्या करके उनका शव विश्वसुंदरी पुल से गंगा नदी में फेंक दिया और इस घटना को अंजाम दिया।
Varanasi: सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग, हुआ खुलासा
आदमपुर थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने इस मामले में 6 फरवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच-पड़ताल शुरू की। इसी कड़ी में आसपास के इलाके (Varanasi) में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया। जिसमें सभी युवक सनी के साथ मारपीट करते नजर आ रहे थे। इसी आधार पर पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की। पुलिस की पूछताछ में हत्या के पुरे मामले का खुलासा हुआ। हत्या में जो युवक शामिल है, वह सनी के ही साथी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में अभिषेक चौहान (21) निवासी जलालीपुरा जैतपुरा, संतोष कुमार गौतम उर्फ मोगली (28) निवासी लाट भैरव आदमपुर और वीरू गुप्ता (28) निवासी लिटकुरी कपसेठी, थाना कपसेठी शामिल हैं।
थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि सनी के साथी पहले उसको अपने साथ जलालीपुरा ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ जमकर मारपीट की। यह पूरी घटना (Varanasi) पास के दुकान में लगी एक सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसके आधार पर यह खुलासा हुआ है। हत्या की पुष्टि के बाद सनी की लाश बरामद करने के लिए आदमपुर पुलिस एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीम के साथ मिलकर विश्वसुंदरी पुल और आसपास के घाटों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
वहीं सनी के परिजनों ने भी रविवार को आदमपुर थाना (Varanasi) पहुंचकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। सनी के बड़े भाई सूरज और मां मंजू देवी ने पहले ही हत्या की बात कही थी। परिजनों के मुताबिक, 28 जनवरी की रात चार युवक सनी को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए, जिसके बाद से वह घर नहीं लौटा।

