उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में शंकराचार्य (Varanasi) विवाद को लेकर तीखा वार किया। कहा कि हर व्यक्ति अपने नाम में शंकराचार्य नहीं जोड़ सकता, उन्होंने आगये कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य (Varanasi) नहीं बन सकता। हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर यहां-वहां वातावरण खराब नहीं कर सकता। उन मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा। सदन में दिए गए इस बयान के बाद शंकराचार्य विवाद पर सियासत और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
जिसके बाद शंकराचार्य (Varanasi) ने पलटवार करते हुए कहा कि योगी के मुताबिक जो उनका समर्थन करे वही शंकराचार्य होगा और जो सनातन धर्म की बात करेगा वो शंकराचार्य नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी के बयान से ऐसा लगता है कि वे तय करेंगे कि कौन शंकराचार्य होगा।
Varanasi: योगी पदों पर रिश्तेदारी और चापलूसी से आए
शंकराचार्य (Varanasi) ने पूछा कि क्या शंकराचार्य का निर्माण भाजपा या उत्तर प्रदेश सरकार करेगी। साथ ही उन्होंने योगी पर गंभीर आरोप लगते हुए कई सवाल भी पूछे। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि योगी पदों पर रिश्तेदारी और चापलूसी के आधार पर आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आप सदन में कह रहे हैं कि कानून का पालन करना और करवाना जानते हैं, तो उन बटुकों के बारे में क्यों नहीं बोलते जिनकी शिखाएं उखाड़ी गई और वृद्धों को पीटा गया?
शंकराचार्य (Varanasi) ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने एक सवाल रखा था, जिसका उत्तर वे 40 दिनों में ही मांगे हैं। उन्होंने कहा कि देश का हर सनातनी पूछ रहा है कि “महाराज जी बताइए, गोरखनाथ की शिक्षाओं के आधार पर आप योगी होते हुए भी मुख्यमंत्री कैसे हो सकते हैं?”

