Varanasi: दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट अब महज विकास का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि सियासत का अखाड़ा बन गया है। टूटे मकानों और बिखरे मलबे के बीच उठती आवाजें अब सिर्फ निर्माण कार्य की नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव की गवाही दे रही हैं।


शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल की प्रस्तावित यात्रा से पहले ही प्रशासन ने कई नेताओं को देर रात हाउस अरेस्ट कर दिया। पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था (Varanasi) के बावजूद सपा के वरिष्ठ नेता और समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश महासचिव किशन दीक्षित लाल टोपी लगाए दालमंडी पहुंचे। वहां उन्होंने दुकानदारों और मकान मालिकों का दर्द सुना। मलबे के बीच रोते-बिलखते व्यापारियों ने अपने टूटे सपनों और उजड़े कारोबार की कहानी साझा की।

Varanasi: लोगों की पीड़ा को पूरी ताकत से रखेंगे सामने
किशन दीक्षित ने आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी न केवल उनकी आवाज उठाएगी बल्कि एक वृहद आंदोलन भी खड़ा करेगी। उन्होंने कहा कि दालमंडी के लोगों की पीड़ा को पार्टी पूरी ताकत से सामने रखेगी।

इसी बीच, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राहुल यादव के साथ सपा नेता लालू यादव भी पुलिस को चकमा देकर दालमंडी (Varanasi) पहुंचे। उन्होंने भी पीड़ितों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि सपा उनके दुख-दर्द में शामिल है।

दरअसल, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को दालमंडी (Varanasi) पहुंचने वाला था। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों सहित कई दिग्गज नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया। इसके बावजूद किशन दीक्षित और लालू यादव ने मौके पर पहुंचकर लोगों से संवाद किया।

किशन दीक्षित ने बताया कि दालमंडी के पीड़ितों से मुलाकात के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। यह रिपोर्ट जल्द ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी, ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके।

