Varanasi: राजातालाब क्षेत्र में शनिवार को अपने अधिकारों को लेकर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। समाज उत्थान सेवा समिति के सहयोग से ग्राम पंचायत तिवारीपुर, बरनी और पचवार की डीएनटी समुदाय (बनवासी बस्ती) की दर्जनों महिलाओं ने उपजिलाधिकारी (Varanasi) कार्यालय के गेट पर पहुंचकर घेराव किया और अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से मांग के बावजूद उन्हें घरौनी प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है, जिससे उनके आवासीय अधिकार अधर में लटके हुए हैं। इसके साथ ही सरकार (Varanasi) की पेयजल योजना के तहत बस्ती में पाइप लाइन तो बिछा दी गई, लेकिन आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Varanasi: एसडीएम ने दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी (Varanasi) शांतुन कुमार सिनसिनवार ने महिलाओं की समस्याओं को ध्यान से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों को तत्काल जांच कर समाधान सुनिश्चित (Varanasi) करने के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि गरीब और वंचित लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। एसडीएम के आश्वासन के बाद महिलाओं का आक्रोश शांत हुआ।
इस दौरान बरनी ग्राम पंचायत के दिव्यांग राजेंद्र ने भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर व्हीलचेयर की मांग की। इस पर एसडीएम ने संबंधित ब्लॉक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए जल्द ही व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
प्रदर्शन में समाज उत्थान सेवा समिति की ओर से अनिल कुमार, रविन्द्र कुमार यादव, प्रीति देवी और रूपा पटेल शामिल रहे। वहीं तिवारीपुर की सुनीता, लक्ष्मीना, उषा, शीला, शांति और मनभावती के साथ बरनी की परमिला, रूपा, माधुरी देवी, संतरा, खुशबू, अनीता, उषा और प्रभावती समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

