प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें एपिसोड में रविवार को भारत के किसानों की बदलती सोच और नवाचार की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नए बाजारों और आधुनिक तरीकों पर भी ध्यान दे रहे हैं, जिससे उनकी आय और उत्पादन क्षमता दोनों बढ़ रही हैं।
हीं पीएम मोदी (PM Modi) के मन की बात कार्यक्रम को उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी सुना गया। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनुप जायसवाल के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओ ने पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। यह कार्यक्रम लक्सा क्षेत्र में आयोजित किया गया।
बड़ी संख्या कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान मुख्य अथिति भाजपा क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया और विशिष्ट अतिथि भाजपा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी प्रकाश शुक्ला रहें। इस दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सभी ने पीएम मोदी (PM Modi) के मन की बात कार्यक्रम को ध्यान से सुना और उससे प्रेरित हुए।
इस मौके पर बीजेपी काशी क्षेत्र के महामंत्री अशोक चौरसिया ने कहा कि मन की बात कर्यक्रम के माध्यम से हमारे देश के प्रधानमंत्री आम जनता से जुड़ते हैं और उन्हें कोई न कोई नवाचार और नए बातों से अवगत कराते हुए उन्हें प्रेरित करते हैं।
वहीं भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनूप जायसवाल कह कहना रहा कि पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में AI सुमित का जिक्र करते हुए देश के युवाओं का हौसला बढ़ाया और अंगदान जैसे विषय पर मुख्य रूप से चर्चा की।
PM Modi ने कही यह बात
बता दें कि 131वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के 10 महीने की बच्ची के बारे में विशेष रूप से बताया। उन्होंने कहा कि यह छोटी सी बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम एक दुखद सड़क हादसे में अपने जीवन से बहुत जल्दी विदा हो गई, लेकिन उसके माता-पिता ने उसकी मृत्यु के बाद जो निर्णय लिया, वह पूरे देश के लिए प्रेरणास्पद है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने AI समिट में देश की सफलता की चर्चा व बच्चों के परीक्षा की चर्चा, खेल की चर्चा स्वर्गीय जयललिता की चर्चा, टी- 20 मैच की चर्चा और अंगदान पर चर्चा समेत कई प्रेरित मुद्दों पर अपनी बात कही।
वहीं डिजिटल फ्रॉड से जागरूक करते हुए किसानों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए केरल के कुंभ व राष्ट्रपति भवन में गुलामी के प्रतीकों में में बदलाव कर गुलामी की मानसिकता में बदलाव व नारी शक्ति का समर्थन व होली की शुभकामनाएं दी।

