Rape case: देश में ट्रेनों को सुरक्षित यात्रा का माध्यम माना जाता है और फर्स्ट एसी कोच को तो सबसे सुरक्षित श्रेणी समझा जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सामने आई एक घटना ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाराणसी से अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रही एक मेडिकल छात्रा के साथ उसी कोच में मौजूद एक यात्री ने दुष्कर्म का प्रयास किया। छात्रा के साहस, शोर मचाने और उसकी मां द्वारा सोशल मीडिया पर तत्काल गुहार लगाने के बाद मामला सामने आया और ट्रेन के लखनऊ पहुंचते ही जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार पीड़िता मेडिकल की छात्रा है और वह साबरमती एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में यात्रा कर रही थी। छात्रा की मां ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रेलवे और यूपी पुलिस को टैग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि ट्रेन जब मल्हौर रेलवे स्टेशन के पास थी, तभी कोच में मौजूद सहयात्री अमित सिंह यादव ने छात्रा को अकेला पाकर उसके साथ वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
बताया गया कि आरोपी ने पहले छात्रा को कोई नशीली वस्तु खिलाने की कोशिश की ताकि वह बेसुध हो जाए। जब छात्रा ने इसे लेने से इनकार कर दिया तो आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ (Rape case) शुरू कर दी और गलत नीयत से उसे दबोच लिया। इस दौरान छात्रा ने घबराने के बजाय साहस दिखाया और जोर-जोर से शोर मचाया। उसकी आवाज सुनकर कोच में मौजूद अन्य यात्री और टीटीई मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी पीछे हट गया और स्थिति बिगड़ने से पहले ही मामला सार्वजनिक हो गया।
Rape case: सोशल मीडिया पर मां की लगाई पुकार
घटना के बाद छात्रा की मां ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए रेलवे और पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी बेटी बेहद डरी हुई है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीआरएम लखनऊ और रेल सेवा ने तत्काल प्रतिक्रिया दी।
रेलवे कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना लखनऊ जीआरपी तक पहुंचाई गई। जैसे ही ट्रेन देर रात लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर पहुंची, जीआरपी की टीम तुरंत फर्स्ट एसी कोच में दाखिल हुई और आरोपी अमित सिंह यादव को हिरासत में ले लिया। इस त्वरित कार्रवाई से छात्रा को राहत मिली और आरोपी (Rape case) को मौके से ही पकड़ लिया गया।
जीआरपी ने दर्ज किया मुकदमा
जीआरपी लखनऊ के अधिकारियों के अनुसार उप-निरीक्षक लक्ष्मी सिंह और एएसआई राधेश्याम त्रिपाठी अपनी टीम के साथ ट्रेन के कोच तक पहुंचे और पीड़िता के बयान दर्ज किए। इसके बाद आरोपी को ट्रेन से उतारकर थाने लाया गया, जहां छात्रा की तहरीर के आधार पर उसके खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और पीड़ित छात्रा को हर संभव सुरक्षा और सहायता प्रदान की गई है। इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खासकर रात के समय कोचों में नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी की आवश्यकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

