Sonbhadra: चोपन थाना क्षेत्र के कोटा ग्राम पंचायत के छिकडाडाड़ जंगल में चार दिन से लापता दंपत्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।रविवार दोपहर सूचना मिलने पर पहुंची चोपन पुलिस (Sonbhadra) ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार झलुहंवा, कोटा ग्राम पंचायत निवासी रामसुरत खरवार (45) पुत्र धनराज और उनकी पत्नी खुशिया (40) बुधवार की देर शाम छिकडाडाड़ में रामसुन्दर भारती के घर मिट्टी की दीवार उठाने का काम करने गए थे।
काम समाप्त होने के बाद दोनों ने घर लौटने की बात कही, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचे। जब दंपत्ति घर वापस नहीं लौटे तो परिजन परेशान हो गए और उनकी तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला।
Sonbhadra: महिला के शव में पड़ गए थे कीड़े
रविवार को छिकडाडाड़ के जंगल से दुर्गंध उठने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। रामसुरत का शव गमछे के सहारे पेड़ से लटका हुआ था, जबकि खुशिया का शव जमीन पर पड़ा हुआ मिला। कई दिन बीत जाने के कारण दोनों शवों से तेज दुर्गंध आ रही थी और महिला के शव में कीड़े भी पड़ गए थे। ग्रामीणों (Sonbhadra) के अनुसार महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं।
आशंका जताई जा रही है कि पहले पति ने पत्नी की हत्या की और बाद में खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। मृतक दंपत्ति के छह बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे शिवशंकर और वीर सिंह तथा चार बेटियां सुनीता (22), सीता कुमारी (11), राजकुमारी (8) और सबसे छोटी बेटी (5) वर्ष की है।
इनमें सुनीता और शिवशंकर की शादी हो चुकी है। इस घटना से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल चोपन पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।

