Varanasi: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब धर्मनगरी काशी तक साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई अचानक ठप होने से शहर में गैस संकट गहराता जा रहा है। हालत यह है कि बीते चार दिनों से घरेलू सिलिंडर के लिए भी एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। इस संकट का सीधा असर शहर के छोटे-बड़े व्यवसायों, खासकर स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और होटल-रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ा है।

शहर के रविन्द्रपुरी, अस्सी और कबीरनगर जैसे प्रमुख इलाकों में लगने वाली स्ट्रीट फूड की दुकानों पर गैस संकट का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक करीब 40 फीसदी ठेले और दुकानें बंद हो चुकी हैं। अस्सी घाट, जो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खानपान का बड़ा केंद्र है, वहां भी हर दूसरी दुकान बंद (Varanasi) नजर आ रही है। कई दुकानदार किसी तरह सिलिंडर का इंतजाम कर दुकान चला रहे हैं, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

“अब भट्टी से काम चलाना पड़ेगा”
अस्सी घाट पर चाय की दुकान लगाने वाले विजय ने बताया कि सिलिंडर खत्म होने के बाद अब उन्हें पारंपरिक भट्टी का सहारा लेना पड़ेगा। उनका कहना है कि अगर जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो रोज़ी-रोटी पर संकट और गहरा जाएगा।

मोमो-चाप कारोबार पर सीधा असर
रविन्द्रपुरी में स्ट्रीट फूड का कारोबार करने वाले तरनजीत सिंह ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें अपने मोमो का सेगमेंट पूरी तरह बंद करना पड़ा है। चाप जैसे कुछ आइटम ही सीमित रूप में बन पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति कुछ दिन और बनी रही तो अन्य दुकानदारों को भी अपने व्यवसाय बंद करने पड़ सकते हैं।
Varanasi: होटल और रेस्टोरेंट ने घटाया मेन्यू
गैस संकट (Varanasi) का असर सिर्फ ठेलों तक सीमित नहीं है। शहर के कई रेस्टोरेंट और होटल भी अपने मेन्यू में कटौती कर रहे हैं। जिन व्यंजनों में ज्यादा गैस की खपत होती है, उन्हें फिलहाल बंद या सीमित कर दिया गया है।

प्रशासन की प्राथमिकता: अस्पताल और संस्थान
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार (Varanasi) ने स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश दिया है कि मठ, अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई दी जाए। हालांकि, बीते एक सप्ताह से सप्लाई बाधित रहने के कारण व्यवस्थाएं पहले ही प्रभावित हो चुकी हैं। फिलहाल कुछ जरूरी संस्थानों को घरेलू सिलिंडर के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है।
यदि जल्द ही कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की नियमित सप्लाई बहाल नहीं होती है, तो वाराणसी के हजारों छोटे कारोबारियों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। साथ ही शहर की खाद्य सेवा व्यवस्था भी प्रभावित होती रहेगी। मिडिल ईस्ट का भू-राजनीतिक तनाव अब स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है। काशी (Varanasi) में गैस संकट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक घटनाओं का असर किस तरह सीधे आम जनजीवन और छोटे व्यवसायों पर पड़ता है।

