Varanasi: भारतीय नव संवत्सर के पावन अवसर पर काशी के शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातनी पंचांग का लोकार्पण किया। इस दौरान गंगा घाट पर भव्य आयोजन हुआ, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ मां गंगा की आरती उतारकर उनकी पवित्रता बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान ‘प्रातर्मंगलम्’ के 20वें वार्षिकोत्सव के तहत बटुकों ने नववर्ष के प्रथम उदित सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। इस मौके (Varanasi) पर देशभर से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
इस वर्ष ‘रौद्र’ नाम का संवत्सर
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सभी देशवासियों को नव संवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ‘रौद्र’ नाम का संवत्सर है, जिसका राजा गुरु माना गया है। उन्होंने बताया कि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जिस वर्ष गुरु राजा होता है, उस वर्ष भरपूर वर्षा होती है, गौ माता (Varanasi) प्रसन्न रहती हैं और समाज में खुशहाली का वातावरण बना रहता है।

उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर भी बड़ा संकल्प दोहराया। शंकराचार्य ने कहा कि अब तक यहाँ लिए गए सभी संकल्प सफल हुए हैं और इस वर्ष गौ माता की रक्षा के लिए शुरू किया गया आंदोलन भी परिणाम तक पहुंचेगा।
Varanasi: गंगा में इफ्तार पार्टी को लेकर दिया बड़ा बयान
गंगा में इफ्तार पार्टी (Varanasi) को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि कोई यहाँ मांस मदिरा का सेवन कर रहा तो कोई गंगा में क्रूज में होटल बनाकर चला रहा है, उसमें भी अनाचारी हो रहा है। गंगा को कमाई का साधन बना दिया गया है। गंगा की पवित्रता खत्म हो चुकी है। माई नहीं रही अब तो आपकी कमाई हो गई है।

उन्होंने कहा कि पहले नावें खुली होती थीं और पारदर्शिता रहती थी, लेकिन अब उनमें आड़ बनाकर कई तरह की गतिविधियां की जा रही हैं, जिन पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने इसे गंगा की पवित्रता के लिए खतरा बताया।

सरकार पर निशाना साधते हुए शंकराचार्य ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था जनता, ब्राह्मणों और गौ माता के हितों के विपरीत कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक भावनाओं के अनुरूप कार्य करने में विफल रही है।

इस मौके पर आचार्य शत्रुधन त्रिपाठी के माध्यम से वर्षफल का भी श्रवण कराया गया, जिसमें आने वाले वर्ष को शुभ और समृद्धि देने वाला बताया गया। नवरात्र पर्व के दौरान श्रीविद्यामठ (Varanasi) में शंकराचार्य के सान्निध्य में विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

