नवीन प्रधान
वाराणसी। शिवपुर स्थित प्राचीन मां अष्टभुजी मंदिर में चैत्र नवरात्रि (Navratri 2023) के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही श्रद्धालु नारियल चुनरी लेकर माता के दर्शन हेतु कतारबद्ध नजर आए। माता के दरबार में श्रद्धालु आस्था के साथ माता का आशीर्वाद प्राप्त किए। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि इसी दिन हिंदू नव वर्ष का शुभारंभ माना जाता है। इस पर्व को शक्ति की उपासना के तौर पर भी देखा जाता है। मां दुर्गा के नौ रूपों के उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्र इस वर्ष 22 मार्च को प्रारंभ है। प्रथम दिन ही मंदिरों में माता के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।

इस दौरान पूरा मंदिर माता रानी के जयकारे से गुंजायमान रहा। मां अष्टभुजी सेवा समिति के अध्यक्ष मुरारी लाल गुप्ता ने बताया कि मान्यता के अनुसार मंदिर में माता रानी के विग्रह की स्थापना द्वापर काल में स्वयं पांचो पांडव व माता द्रौपदी द्वारा की गई है, तभी से यहां वाराणसी ही नहीं पूरे पूर्वांचल के भक्त दर्शन करने आते रहते है।

संस्था के महामंत्री सुरेश कुमार चौरसिया ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अष्टमी तिथि 29 मार्च को रामलीला मैदान में भव्य देवी जागरण व झांकी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।