- 15 लाख की लागत से अप्रैल के अंत तक बनकर हो जायेगा तैयार
- धुलाई में लगने वाले पानी को री-साईकिल कर फिर करेंगे उपयोग
वाराणसी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में गंदी बसें अब गुजरे जमाने की बात होगी, वातानूकुलित से लेकर साधारण बस भी चमचमाती दिखेंगी, जिससे यात्रा करना एक सुखद एहसास होगा।
वाराणसी परिक्षेत्र के तहत आने वाले कैंट डिपो के कार्यशाला में ऑटोमेटिक वाशिंग प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। कार्यशाला में जिस स्थान पर बसों की धुलाई की जाती थी उसी स्थान पर इस प्लांट को लगाया जा रहा है।
15 लाख की लागत से होगा तैयार
आधुनिक वाशिंग प्लांट को लगाने में कुल 15 लाख की लागत आयेगी, अप्रैल के अंत तक इस प्लांट को तैयार करने की उम्मीद जतायी जा रही है। इस प्लांट से कुल 10 मिनट में बसों की धुलाई पूरी हो जायेगी। जनरथ जैसी वातानूकुलित बसों के साथ ही साधारण बसों की भी धुलाई कम समय में हो सकेगी।
पानी को करेंगे री-साईकलिंग
इस प्लांट के स्थापित हो जाने के चलते बसों की धुलाई में लगने वाले पानी को री-साईकलिंग भी की जा सकेगी। वेस्ट पानी को फिर से काम में लाया जा सकेगा। वाराणसी परिक्षेत्र में यह पहला प्लांट है।
बोले अधिकारी
वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि ऑटोमेटिक वाशिंग प्लांट से बसों की धुलाई के साथ वेस्ट पानी को फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा।