लखनऊ। इंटरनेशनल यूनियन आॅफ रेलवेज (यूआईसी) रेल सिस्टम के निदेशक क्रिश्चियन शावानेल, ने बुधवार को आरडीएसओ का दौरा किया। इस अवसर पर क्रिश्चियन शावानेल ने अपने संबोधन में आरडीएसओ द्वारा अर्जित उपलब्धियों के लिए इसकी सराहना की एवं कहा कि वह आरडीएसओ के भविष्यवादी दृष्टिकोण से प्रभावित है। क्रिश्चियन शावानेल ने एक साथ कौशल विकसित करने पर जोर दिया और वैश्विक स्तर पर रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए तकनीकी विचारों के आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने आरडीएसओ को अपनी शुभकामनाएं दीं और आश्वासन दिया कि यूआईसी कम समय में यूआईसी प्रमाणन प्राप्त करने में आरडीएसओ को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा। उन्होंने आरडीएसओ की सिगनल, एयर ब्रेक एवं श्रांति परीक्षण प्रयोगशालाओं का भी दौरा किया । आरडीएसओ महानिदेशक संजीव भुटानी ने अपने संबोधन में भारतीय रेलवे द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के काम और आरडीएसओ द्वारा नए युग के वंदे भारत ट्रेनसेट एवं स्वदेशी रूप से विकसित सिग्नलिंग और नियंत्रण प्रणाली (कवच) के विकास में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। साथ ही उन्होने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सिग्नलिंग प्रणाली और रोलिंग स्टॉक वाहन नियंत्रण के लिए एक मानक प्रोटोकॉल विकसित करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता व्यक्त की। महानिदेशक ने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर रेलवे द्वारा उपयोग किए जा रहे उत्पादों के लिए बेहतर इंटरआॅपरेबिलिटी प्रदान करेगा। इस अवसर पर आरडीएसओ द्वारा एक विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी गई जिसमें आरडीएसओ की हाल की उपलब्धियों और चल रही परियोजनाओं पर प्रकाश डाला गया। इस प्रेजेंटेशन के दौरान भारतीय रेलवे में आरडीएसओ की भूमिका एवं वंदे भारत मेट्रो और सबअर्बन ट्रेनसेट के डिजाइन के लिए चल रहे काम की जानकारी दी गई। इस प्रस्तुति के अलावा उन्नत सिग्नलिंग और ट्रेन नियंत्रण प्रणाली (कवच) के डिजाइन, परीक्षण और कमीशनिंग और आरडीएसओ की अन्य महत्वपूर्ण भविष्य की परियोजनाओं जैसे ब्रोकन रेल डिटेक्शन सिस्टम, हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित 1600 एचपी डेमू ट्रेन आदि पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर, जेपी पाण्डेय, महानिदेशक (विशेष) वेंडर विकास, आरके झा, महानिदेशक (विशेष) इंजी., एसके जैन, अपर महानिदेशक एवं आरडीएसओ के अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वसं
sudha jaiswal