लखनऊ। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधुरी ने उत्तर रेलवे के विभागाध्यक्षों और पांचों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों के साथ सोमवार को एक कार्य निष्पादन समीक्षा बैठक का आयोजन किया । बैठक में संरक्षा, समयपालनबद्धता, गतिसीमा में वृद्धि, दिव्यांगजन के लिए शौचालय और मिशन रफ्तार तथा कवच जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई ।
ट्रेनों की रफ्तार की बढ़ोत्तरी के लिए विशेष ध्यान
महाप्रबंधक ने रेलपथों को बेहतर बनाए रखने तथा रेल पटरियों की दरारों व ज्वाइंटो की वैल्डिंग पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। रेल फाटकों पर संरक्षा भारतीय रेलवे की प्राथमिकता रही है । गतिशीलता में वृद्धि के क्षेत्र में नई दिल्ली- हावड़ा और नई दिल्ली-मुम्बई रेलमार्गों पर रेलगाड़ियों को 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के अनुकूल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं । उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले सेक्शनों में रेल पथ, बिजली, सिग्नल प्रणाली में बदलाव किए जा रहे हैं ।
ट्रेनों की समयपालनबद्धता पर विशेष ध्यान
महाप्रबन्धक ने मंडलों पर ट्रेनों की समयपालनबद्धता पर भी ध्यान केंद्रित किया । उन्होंने विलम्ब के कारणों से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया । उन्होंने चल स्टॉक परिसम्पतियों के गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण पर बल दिया ।
2.68 करोड़ लीटर एचएसडी की हुई बचत
रेलवे अपनी एलएचबी ट्रेनों को एण्ड आॅन जनरेशन से हैड आॅन जनरेशन में बदलने का कार्य कर रही है ताकि रैंको में लगने वाले जनरेटर कार को हटाया जा सके। इससे अप्रैल-मार्च 22-23 की अवधि के दौरान 292.95 करोड़ रुपए मूल्य के2.68 करोड़ लीट र एचएसडी की बचत हुई है ।
निर्धारित समय में खत्म करें कार्य
महाप्रबन्धक ने आगे कहा कि निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी किए जाने की आवश्यकता है । उन्होंने विभागाध्यक्षें से कार्य को निर्धारित अवधि के भीतर शीघ्रता से पूरा करने के लिए कहा ।
sudha jaiswal

