Ajab-Gajab : वाराणसी जो अपने आप में एक अनोखी और अजब-गजब की नगरी मानी जाती है। यहाँ आये दिन कुछ न कुछ ऐसी खबर सामने आती है, जो लोगों को भौचक्का कर देती है। जिसके बाद फिर लोग कहते हैं …..बाह रे बनारस और बाह रे ईहा के लोगन….सोमवार को वाराणसी में एक ऐसा ही अजब-जगब नजारा देखने को मिला। जिसे देखकर लोगों के आश्चर्य का ठिकाना ना रहा। दरसल, महाश्मशान मणिकर्णिका पर अंतिम संस्कार के दौरान यह नजारा {Ajab-Gajab} देखने को मिला। पक्के महाल से पिता का शव लेकर अंतिम संस्कार करने पहुंचे बेटे ने पिता की चिता पर शराब चढ़ायी इतना ही नहीं पान का बीड़ा और बीड़ी भी अपने पिता के चिता पर रखा।
Ajab-Gajab : शराब और अन्य चीज़े चढाते हुए बेटे ने कही ये बात
ये नजारा काशी के जनता के लिए तो आम रहा लेकिन सैलानियों के लिए चौकाने वाला। बेटे ने पिता की चिता पर शराब और अन्य चीज़े चढाते हुए कहा भी कि ला बड़का बाऊ पीला… ला बड़का बाऊ पीला… अब यह सुनकर आपको भी लग रहा होगा कि ये सब सिर्फ और सिर्फ काशी में ही संभव है। पिता की कोई इच्छा अधूरी न रह जाए, इसलिए बेटे ने अंतिम औपचारिकता पूरी की।
मणिकर्णिका घाट के निवासियों की मानें तो ऐसा नजारा महाश्मशान {Ajab-Gajab} पर रोज देखने को मिलता है। मणिकर्णिका पर रोजाना ऐसे शव आते हैं, जिनके साथ ढोल-नगाड़े बजाते और नाचते हुए परिजन आते हैं। जिसकी मृत्यु हुई होती है, उसे उसके जीवन में खानपान की प्रिय वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। खासकर शराब, गांजा, बीड़ी, सिगरेट, बीड़ी अर्पित कमना आम बात होती है, ताकि प्रिय परिजन की आत्मा को शांति मिल सके। अंतिम यात्रा पर जाने वाले को किसी तरह का मलाल न रहे।