वाराणसी के ज्ञानवापी मामले (Gyanvapi Case) में एक और याचिका मंगलवार को कोर्ट में दाखिल हुई है। इसमें अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी से जमीन की अदला-बदली को चुनौती देने के साथ ही विश्वनाथ कारिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन का स्वामित्व विश्वनाथ मंदिर के पक्ष में घोषित करने की मांग की गई है। बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने सिविल जज सीनियर डिविजन हितेश अग्रवाल की अदालत में याचिका दाखिल की है।
Gyanvapi Case: खरीदे गए भवन से अदला-बदली
याचिका में कहा गया है कि आदि विश्वेश्वर मंदिर जो श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के रूप में सार्वजनिक पूजास्थल है, वहां अतिक्रमण रोकने के लिए वादी जागरूक रहता है। प्लाट नंबर 8276 को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी (Gyanvapi Case) ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खरीदे गए भवन से अदला-बदली कर ली। सरकार और मसाजिद कमेटी के बीच 10 जुलाई 2021 को उप निबंधक द्वितीय के यहां अदला-बदली का जो निबंधन हुआ है, वह गलत था।
अदला-बदली विलेख में भवन की चौहद्दी के पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण में काशी विश्वनाथ मंदिर का उल्लेख है। याचिका (Gyanvapi Case) में वादी ने प्रार्थना किया है कि विनिमय विलेख 10 जुलाई 2021 को शून्य घोषित किया जाए। विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में आने वाली समस्त आराजी पर स्वामित्व श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का घोषित किया जाए। याचिका पर सरकार की तरफ से अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने मौखिक आपत्ति दर्ज कराई। इस प्रकरण में कोई आदेश पारित नहीं हुआ है।
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