Bhadohi: जिले के औराई कोतवाली क्षेत्र के जेठुपुर गांव निवासी अग्निवीर सैनिक धीरज कुमार गुप्ता जम्मू-कश्मीर में आतंकी सर्च ऑपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए। आगामी 20 अप्रैल को उनकी शादी तय थी, लेकिन उससे दो महीने पहले ही शहादत की खबर ने पूरे जिले को गमगीन कर दिया।

पुष्पचक्र अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि
शहीद धीरज कुमार गुप्ता का पार्थिव शरीर शनिवार को जब उनके पैतृक गांव जेठुपुर (Bhadohi) पहुंचा तो हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सांसद, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

पूरा गांव “भारत माता की जय” और “धीरज अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। शहीद की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। आंखों में आंसू और दिल में गर्व लिए लोगों ने अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।

धीरज की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की सीमाओं पर तैनात जवान अपने परिवार और व्यक्तिगत खुशियों से ऊपर उठकर राष्ट्र की रक्षा को सर्वोच्च मानते हैं। भदोही का यह लाल अब हमेशा के लिए अमर हो गया।

आतंकी सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए शहीद
बताया गया कि बुधवार देर शाम जम्मू-कश्मीर में सीमा पर चल रहे आतंकी सर्च ऑपरेशन के दौरान धीरज को आतंकियों की गोली लगी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। धीरज अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुए थे और उनकी सेवा अवधि के चार वर्ष पूरे होने में महज चार महीने शेष थे।

धीरज स्वर्गीय रामसुंदर के पुत्र थे। परिवार में मां जयदेवी, चार बहनें और दो छोटे भाई हैं। पूरा परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है। शहादत की सूचना सबसे पहले उनके भाइयों को मिली, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया। परिजनों (Bhadohi) की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई जा रही है।
इधर, 20 अप्रैल को उनकी बारात सीतामढ़ी (Bhadohi) कटरा जानी थी। शादी की तैयारियां घर में जोरों पर चल रही थीं। गांव में खुशियों का माहौल था, जो अब मातम में बदल गया है। उनके साथी धीरेंद्र मौर्य ने बताया कि धीरज बेहद मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। देशसेवा को उन्होंने हमेशा सर्वोपरि रखा।

