काशी में भैरव अष्टमी की धूम है। काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का जन्मोत्सव धूम-धाम से मनाया जा रहा है। ऐसे में शिव के प्रतिरूप काशी में विद्यमान बाबा कालभैरव की जयंती पर बाबा के भक्तों के ओर से 51 किग्रा का केक काटा गया। इस दौरान सभी भक्तों ने हर हर महादेव के गगनचुम्बी नारे लगाए। जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
बाबा को रजत मुखौटा धारण कराकर उनका विशेष श्रृंगार किया गया है। साथ ही मंदिर प्रांगण व मंदिर में प्रवेश करने वाली गलियों को भव्य तरीके से सजाया गया है। इस दौरान भक्तों की भारी संख्या में भीड़ उपस्थित रही। मंदिर के महंत सुमित उपाध्याय ने कहा कि आज मध्य रात्रि 12:00 बजे सवा लाख दीपों से बाबा की महाआरती की जाएगी। इसके साथ ही दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक चलता रहेगा।

तीन दिवसीय आयोजन
काशी में बाबा के जन्मोत्सव पर तीन दिवसीय आयोजन होता है। पहले दिन मंगलवार को बाबा डोले पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले थे। वहीँ बुधवार को बाबा का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। गुरुवार को मंदिर प्रांगण में भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया जाएगा।

समस्त मनोकामनाओं की होती है पूर्ति
काशी खंड के अनुसार, काशी के कोतवाल कालभैरव का मंदिर वाराणसी के कालभैरव क्षेत्र में स्थित है। जहां दूर-दूर से भक्त आते हैं। ऐसी मान्यता है कि काशी आने पर बाबा का दर्शन अत्यंत आवश्यक होता है। साथ ही भैरव अष्टमी के दिन कालभैरव का दर्शन करने से समस्त कष्टों का नाश होता है व समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। बाबा के दर्शन मात्र से ही समस्त पापों का नाश होता है।