Breaking News: संत संग्राम या आन्दोलन, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द का विवाद अब गहराता नजर आ रहा है। इसी बीच एक बहुत बड़ी खबर यह सामने आई है। जब 19 साल के बाद एक ही मंच पर चारों शंकराचार्य एक साथ नजर आएंगे। चारों पीठ के शंकराचार्य का एक साथ पुनः एक मंच पर नजर आना बड़ी चौंकाने वाली बात भी मानी जा रही है। आगामी 10 मार्च को दिल्ली में गो रक्षा के लिए एक बड़ा आन्दोलन होने जा रहा है। जिसमें यह कयास लगाये जा रहे हैं कि गो माता राष्ट्र माता अभियान के मंच पर चारों शंकराचार्य एक साथ आएंगे।
गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पहले से ही 2 पीठ का समर्थन मिल चुका है और अब तीसरे पीठ के शंकराचार्य (Breaking News) के समर्थन मिलने से असली-नकली का जो विवाद है, वह हल्का पड़ जायेगा। हालांकि पूरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद ने अब तक अविमुक्तेश्वरानंद के नाम पर खुली सहमति नहीं जाहिर की है।
Breaking News: आमंत्रण की सभी तैयारी पूरी
ऐसे कयास भी लगाये जा रहे हैं कि दिल्ली का यह आयोजन यदि सफल हो जाता है तो यह तीसरा ऐसा मौका होगा, जब चारों पीठ के शंकराचार्य एक साथ नजर आएंगे। गो रक्षा आंदोलन के लिए पूरी पीठ के शंकराचार्य तो पहले से ही आंदोलनरत हैं। वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Breaking News) भी कई बार इस पर खुलकर बयान दे चुके हैं। ऐसे में गो रक्षा विषय पर चारों शंकराचार्य का एक मंच पर आने का मतलब होगा अविमुक्तेश्वरानंद पर सभी शांकराचार्यों की सहमति। सभी शांकराचार्यों को आमंत्रण भेजनें की पूरी तैयारी की जा चुकी है। सनातन धर्म के लिए यह एक एतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
बताते चलें कि इससे पहले बंगलोर में रामसेतु को लेकर 19 मई 2007 को एक सम्मेलन का आयोजन किया गया था जिसमें चारों शंकराचार्य (Breaking News) एक मंच पर एकत्रित हुए थे। वहीं पहला चतुष्पीठ सम्मेलन 1779 में श्रृंगेरी में हुआ था, जिसमें पहले बार सभी शंकराचार्य एक साथ एक मंच पर आए थे।

