यूजीसी (UGC) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर आज अहम सुनवाई हुई। देशभर से दायर याचिकाओं को एक साथ मर्ज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी कानून पर 19 मार्च तक अंतरिम रोक लगा दी है। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से लोगों में जश्न का माहौल है। चारों-ओर खुलियों की लहर झूम उठी है।

लोगों ने एक-दूसरे को लगाया अबीर-गुलाल
इसी कड़ी में वाराणसी में भी सुप्रीम कोर्ट के द्वारा यूजीसी पर लिए गए इस फैसले को लेकर जश्न का माहौल है। जिला मुख्यालय पर बीते तीन दिनों से केसरिया भारत संगठन के कार्यकर्ता UGC के नए नियमों के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। जैसे ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरूवार को यूजीसी कानून पर रोक लगाए जाने की खबर सामने आई, कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी जाहिर की और लड्डू खिलाकर बधाइयाँ दीं।
जनहित में नहीं था UGC का यह कानून
संगठन के कार्यकर्ता नागेश्वर मिश्रा ने कहा कि UGC का यह कानून जनहित में नहीं था और इससे आम लोगों का शोषण होता। उन्होंने इसे “काला कानून” बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आम जनता के हक में एक बड़ी राहत है।

वहीं कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के उस न्यायाधीश का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने यूजीसी कानून पर रोक लगाई। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि 19 मार्च को होने वाली सुनवाई में यह कानून पूरी तरह से रद्द कर दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ उनकी उम्मीद नहीं, बल्कि उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायपालिका जनहित में फैसला देगी।
बताते चलें कि फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट की इस अंतरिम रोक से यूजीसी कानून का विरोध कर रहे संगठनों और आम जनता में राहत और उत्साह का माहौल बना हुआ है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
