आज से चैत्र नवरात्र [Chaitra Navratri] के पावन पर्व की शुरुआत हो चुकी है। प्राचीन मान्यता के अनुसार चैत्र नवरात्र में नौ गौरी की पूजा-अर्चना होती है। वासंतिक नवरात्र के पहले दिन मुख निर्मालिका गौरी का पूजन होता है। इनका विग्रह गायघाट स्थित हनुमान मंदिर में स्थित है। वहीं शक्ति के उपासक पहले दिन शैलपुत्री देवी का पूजन-अर्चन भी करते हैं। शैलपुत्री का मंदिर अलईपुर इलाके में है।

आज दोनों देवियों के दर्शन को मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही। हाथो मे नारिअल और फूल माला लेकर सभी अपनी बारी का इंतजार माँ के दर्शन के लिए कर रहे थे। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय माता दी के उद्घोष से गूंज उठा।
Chaitra Navratri: मंगला आरती के बाद पट खोल दिया गया कपाट
काशी के गायघाट स्थित हनुमान मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की लाइन लगी रही। गायघाट क्षेत्र स्थित एक हनुमान मंदिर में मुखनिर्मालिका गौरी [Chaitra Navratri] के विग्रह का ब्रह्म मुहूर्त में मंगला आरती के बाद पट खोल दिया गया। इसके साथ ही भक्तों कतार दर्शन को लग गई। भक्त माता को नारियल, चुनरी, भोग, प्रसाद, और श्रृंगार का सामान अर्पित करके शीश नवाते रहे।

इसके साथ ही दूसरी ओर [Chaitra Navratri] शक्ति स्वरूपा मां शैलपुत्री के दरबार में भी भक्तों की भारी भीड़ जमा हुई। अलईपुरा स्थित माता शैलपुत्री के दरबार में भी भक्तों की कतार भोर से ही लग गई। यहां पुसिल प्रशासन ने सुरक्षा के खास बंदोबस्त किए हैं। मां के दर्शन को भक्तो का जो क्रम सुबह से शुरू हुआ वो देर रात तक जारी रहेगा।



बताते चलें कि महान उत्साह वाली देवी और भय का नाश करने वाली है। इनकी आराधना से यश, कीर्ति, धन और विद्या कि प्राप्ति होती है और इनकी पूजा मात्र मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।

