Varanasi: खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने गुरुवार को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 13 फीट ऊंचे स्टेनलेस स्टील से बने स्मारक चरखे का अनावरण किया। यह स्मारक चरखा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगे चरखे की तर्ज पर बनाया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के अंतर्गत कार्यरत केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने इसका अनावरण किया। इस स्मारक का उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और भारत की राष्ट्रीय धरोहर खादी को नई पीढ़ी के साथ जोड़ना है।

Varanasi: “नये भारत की नयी खादी” ने आत्मनिर्भर बनने के लिए दी नई दिशा
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “नये भारत की नयी खादी” ने आत्मनिर्भर और विकसित भारत अभियान को एक नई दिशा दी है। महात्मा गांधी (Varanasi) के चरखे को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के स्मारक चरखों की स्थापना का उद्देश्य नई पीढ़ी को चरखे और स्वतंत्रता संग्राम के महत्व से परिचित कराना है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वाराणसी में किए गए विकास कार्यों का यह स्मारक चरखा प्रतीक है। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने इस चरखे की स्थापना के लिए एयरपोर्ट परिसर में जगह उपलब्ध करवाई।
मनोज कुमार ने खादी और ग्रामोद्योग के क्षेत्र (Varanasi) में पिछले 10 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार खादी और ग्रामोद्योग का कारोबार 1.55 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है। इसके साथ ही, 10.17 लाख नए रोजगार सृजित किए गए हैं। खादी के कारीगर, जिनमें 80 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, खादी को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।