Varanasi: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा लखनऊ में शुरू किए गए गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान के समर्थन में काशी में भी आवाज बुलंद हुई। वाराणसी के अस्सी घाट पर उनके शिष्यों के साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां मां गंगा की पूजा-अर्चना कर आंदोलन की सफलता के लिए शंखनाद किया गया।

शंकराचार्य के शिष्य संजय ने कहा कि भारत को हिंदुओं की आस्था की भूमि कहा जाता है, लेकिन इसके बावजूद गौ माता की हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत भूमि पर गौ माता का रक्त न गिरे, इसी उद्देश्य से शंकराचार्य ने बड़ा आंदोलन शुरू किया है।
उनके अनुसार लखनऊ से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य देश को गौकशी से मुक्त कराना है। इसी के समर्थन में काशी (Varanasi) में भी शिष्यों और समर्थकों ने गंगा घाट पर एकत्र होकर प्रार्थना की और आंदोलन की सफलता की कामना की।
Varanasi: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जताया समर्थन
कांग्रेस पदाधिकारी राघवेंद्र चौबे ने कहा कि शंकराचार्य के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ता काशी में एकत्र हुए हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Varanasi) के नेतृत्व में लखनऊ में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन किया जा रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार नियमों का हवाला देकर शंकराचार्य के कार्यक्रम को रोकने का प्रयास कर रही है, जो पूरी तरह गलत है।
कार्यक्रम (Varanasi) के दौरान समर्थकों ने मां गंगा की आरती कर आंदोलन की सफलता के लिए प्रार्थना की। शंखनाद के साथ यह संदेश दिया गया कि गौ संरक्षण के मुद्दे पर शुरू किए गए इस अभियान को व्यापक समर्थन मिलेगा।
