कोडिन कफ़ सिरफ (Cough syrup) मामले में पुलिस को एक के बाद एक बड़ी कामयाबी मिल रही है। इस प्रकरण के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके परिजनों की संपत्ति व घर का जब्तिकरण करने के बाद अब वाराणसी पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने सुभम जायसवाल के करीबी विकास सिंह नरवे को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि कफ सिरफ (Cough syrup) कांड में FIR दर्ज होने के बाद काफी दिनों से फरार चल रहा विकास सिंह नरवे पर पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
विकास नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन वाराणसी पुलिस ने उसे मंगलवार को नेपाल बॉर्डर से उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने अंकित श्रीवास्तवऔर आकाश पाठक की भी गिरफ्तारी किया। इसका खुलासा बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में एडीसीपी टी. सरवरण ने किया।
एडीसीपी टी. सरवरण ने बताया कि विकास सिंह और अंकित श्रीवास्तव के इस सिंडीकेट ने हवाला नेटवर्क के जरिये करीब 34 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया है। जबकि आकाश पाठक उर्फ लल्लू कारोबार का हिसाब रखता और लेनदेन करता था। गिरफ्तार अभियुक्तों के तार कई राज्यों तक फैले हैं।
Cough syrup: ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बोगस फर्मों का इस्तेमाल
बताते चलें कि ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बोगस फर्मों (Cough syrup) का इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा था। सिंडीकेट से जुड़े शुभम, विकास सिंह नरवे, दिवेश जायसवाल समेत अन्य साथी कागजों पर फर्जी (Cough syrup) खरीद–फरोख्त दिखाकर अवैध धन को वैध रूप देने का खेल खेल रहे थे। हवाला के माध्यम से रकम इधर-उधर ट्रांसफर की जाती थी, ताकि किसी एजेंसी की नजर न पड़े।
जाँच में यह भी पता चल है कि जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्तों ने अलग–अलग नामों से कई फर्जी कंपनियां और फर्में (Cough syrup) बना रखी थीं। इन फर्मों के खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ, जबकि जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक व्यापार नहीं था।
वहीं पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद विकास सिंह नरवे लगातार ठिकाने बदल रहा था और नेपाल भागने की फिराक में था। वहीं पुलिस को मौके की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने निगरानी बढ़ाई और सटीक रणनीति के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। मामले में ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचना दी गई।
फिलहाल तीनों गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस हवाला रैकेट से जुड़े अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

