इस वक़्त पुरे देश में कफ़ सिरप (Cough Syrup)का प्रकोप छाया हुआ हैं। जहां इसका सेवन करने के कारण मासूम बच्चों की मौत हो या फिर शहर में हो रहे अवैध कफ़ सिरप का धंधा, ऐसे में इसे लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया हैं। सरकार ने फैसला लिया हैं कि देश में अब बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा दुकानों पर कफ सिरप नहीं बिकेगा यानि अब कफ सिरप के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य होगी।
केंद्र सरकार ने यह फैसला कफ सिरप से कई बच्चों की मौतों और दुष्प्रभावों को देखते हुए इसकी मनमानी बिक्री पर लगाम लगाने के लिए लिया हैं। मेडिकल दुकानदारों को हर प्रिस्क्रिप्शन का रिकॉर्ड रखना होगा। साथ ही, कफ सिरप व गुणवत्ता जांच के कड़े नियमों का पालन करना होगा।
औषध परामर्श समिति से मंजूरी
इस दौरान, सरकार की शीर्ष नियामक औषध परामर्श समिति ने कफ सिरप (Cough Syrup) को उस शेड्यूल से हटाने की मंजूरी दे दी है, जिसके प्रावधान कफ सिरप को लाइसेंसिंग व खास निगरानी नियमों से छूट देते थे। यानी इसे खरीदने के लिए डॉक्टर की सलाह और पर्चा अबअनिवार्य होगा।
Cough Syrup बच्चों की सेहत को दी प्राथमिकता
बताते चलें कि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक शीर्ष अफसर ने बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सिरप (Cough Syrup) का गलत सेवन व दुष्प्रभाव रोका जा सके, साथ ही उन्होंने आगे यह भी कहा कि हाल में यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग कफ सिरप का नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, कई माता-पिता बिना डॉक्टर से पूछे अपने बच्चों को खुद से कफ सिरप दे देते हैं। जो बेहद हानिकारण है, इसीलिए ये अहम फैसला लिया गया है।
विदेश में भी अनिवार्य हुआ परामर्श
इसके साथ ही देश के साथ-साथ विदेश में भी कई मौतों के बाद डॉक्टरों का परामर्श अनिवार्य रूप से लेना जरुरी होगा। वहीं समिति के एक सदस्य का कहना है कि यह प्रस्ताव इसलिए लाया गया क्योंकि तीन वर्षों में भारत से निर्यात कई कफ सिरपों (Cough Syrup) में डाई-एथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) और ईथिलीन ग्लाइकोल (ईजी) जैसे घातक रसायन पाए गए। इसके चलते गाम्बिया, उज्बेकिस्तान व कैमरून में कई बच्चों की मौतें हुईं।

