Varanasi: विवादों के बीच काशी के महाशमशान मणिकर्णिका घाट पर चिता-भस्म की होली खेली गई। बाबा के साथ होली खेलने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु मणिकर्णिका घाट पहुँचते हैं। पिछले साल तक यह संख्या लाखों में थी, लेकिन इस बार प्रशासन ने मणिकर्णिका जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया है। ऐसे में इस बार बाबा मसाननाथ के गण के रूप में सैकड़ों की संख्या में भक्त शामिल हुए।


भीड़ और व्यवस्थाओं को देखने हुए प्रशासन ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगा रखा था, जिसके चलते बहुत कम संख्या में लोग मणिकर्णिका घाट पर पहुंचे। धधकती चिताओं के बीच होने वाली इस होली का आयोजन पूरे विश्व में केवल काशी के मणिकर्णिका घाट (Varanasi) पर होता है। वहीं, कई सारे विवादों और भीड़ की स्थिति को देखने के बाद जिला प्रशासन ने आयोजक को बाबा मसाननाथ परिसर में होली आयोजित करने की अनुमति दी थी, लेकिन इस बार लोगों की संख्या काफी कम रही। मणिकर्णिका घाट जाने वाले रास्ते पर के साथ-साथ सतुआ बाबा आश्रम के पास भी बैरिकेडिंग कर लोगों को घाट पर जाने से रोका जा रहा था।

साधु-सन्यासियों ने परंपरा को किया जीवन
इसके चलते कम ही लोग घाट पर पहुंचे पाए। हालांकि अघोरियों व साधु-सन्यासियों ने इस परंपरा को जमकर मनाया और बाबा संग चिता-भस्म की होली खेली। शनिवार को खेली गई इस मसाने की होली (Varanasi) डमरू की थाप पर नाचता-झूमते लोग नजर आए।

विदेशी पर्यटक भी हुए शामिल
घाट पर जश्न के बीच से शवयात्राएं भी गुजरती रहीं। रंग और चिता की राख में सराबोर होकर विदेशी पर्यटक भी झूमते नजर आए। मसाने की होली का रंगोत्सव डमरू वादन से शुरू हुआ। डमरू की गूंज के बीच साधु-संन्यासी मणिकर्णिका घाट (Varanasi) पहुंचे और पूजन किया। सबसे पहले भस्म, रंग, गुलाल और अबीर बाबा मसान नाथ को अर्पित किया। बाबा मसाननाथ की आरती उतारी गई और फिर पालकी यात्रा निकली। हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ सभी शिवभक्ति में सराबोर नजर आए। इसके बाद चिता भस्म की होली खेली गई। आयोजकों द्वारा चीता के भस्म की बारिश की गई और श्रद्धालु होली गीतों पर झूमते नजर आए।

आयोजक गुलशन कपूर ने कहा कि आज यहाँ मसान की होली खेली जा रही है। बाबा अपने गणों के साथ यह होली खेली जाती है। रंगभरी के दिन माता गौरा का गौना कराने के बाद उत्सव के रूप में बाबा यहाँ मसान की होली चिता की राख से खेलते हैं। हम बाबा से सम्पूर्ण विश्व की मंगल कामना करते हैं। ये दिव्य दृश्य काशी के मणिकर्णिका घाट (Varanasi) पर जो नजर आ रहा है इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है।

Varanasi: जानिए क्या रहा अघोरियों का कहना
आपको बताते चलें कि इस बार पहली बार ऐसा हुआ कि जब अघोरियों की टोली मणिकर्णिका घाट पर पहुंची तो प्रशासन द्वारा अन्य लोगों को घाट से हटा दिया गया और उसके बाद अघोरियों ने जमकर बाबा की यह चिता भस्म की होली खेली।

पश्चिम बंगाल से आई अघोरी ने कहा कि मैं पहली बार यहाँ काशी के मसान की होली में शामिल हुई हूं। ऐसा लग रहा है यहां साक्षात महादेव विराजित है और होली खेलने आए हैं। यह पर्व आनद और उत्साह से सभी लोग मनाये और किसी से दुर्व्यवाहार ना करें।

कमरू कामख्या असम से आई अघोरी ने कहा कि आज बाबा की मसान की होली है। हमलोग यहाँ पहुंचे है। माता गौरा और महादेव को अरीब-गुलाल लगाया है और यहाँ चिता भस्म की होली खेली है।

किन्नर पद्मा गुरु ने बताया कि हम यहाँ काशी पहुंचे हैं और बाबा से प्रार्थना की है कि सभी लोग खुश रहे, स्वस्थ रहे। समाज में सुख और शांति बनी रहे।

