Dengue: बारिश और गंगा में आए बाढ़ के कारण अब डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। जहां कॉलोनियों में लार्वा मिल रहा है, वहीं संक्रमित भी मिल रहे हैं।
वाराणसी में पिछले तीन दिनों में पांच मरीज (Dengue) मिल चुके हैं। इनमें सभी का ईलाज घर पर ही चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी व ग्रामीण इलाकों में कुल 137 हॉट स्पॉट बनाए गए हैं। इनमें उन क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है, जहां पिछले साल सर्वाधिक मरीज मिले थे। इन इलाकों में मलेरिया विभाग की टीम पहुंचकर दवाओं का छिड़काव कर रही है। इस सीजन की बात करें तो 21 जुलाई से शुरू अभियान में अब तक 13 मरीज मिले हैं। इसमें इस महीने पिछले आठ दिन में कुल 11 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसमें सभी शहरी क्षेत्र के ही हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि 21 जुलाई से अब तक 31,092 घरों में ब्रीडिंग चेकर्स की टीम पहुंची। इसमें कुल 562 जगहों पर डेंगू (Dengue) का लार्वा मिला। सबसे अधिक घर में रखे कूलर, गमला, नाली में लार्वा मिले हैं। इन लोगों को नोटिस जारी कर साफ-सफाई पर ध्यान देते रहने को कहा जा रहा है। वाराणसी में अभी तक गायत्रीनगर कॉलोनी, खजूरी, अनमोल नगर सारनाथ, सुंदरपुर, सरायनंदन खोजवा, सिगरा, लंका, सिगरा आदि क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले हैं।

डेंगू (Dengue) के लक्षण:
डेंगू (Dengue) होने पर आमतौर पर इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, बुखार से पूरी तरह से थकान और आलस्य शामिल होते हैं। अक्सर इसके लक्षण आमतौर पर डेंगू के मच्छर काटने के लगभग 4 से 10 दिनों के बाद दिखने लगते हैं। डेंगू में अधिकतर केसेज में शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या काफी कम हो जाती है। जिसके बाद इससे मृत्यु की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि ऐसी स्थिति में मरीज को समय रहते ईलाज कराने से ठीक होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।

डेंगू (Dengue) से कैसे बचें-
1. मच्छरों के काटने से बचने के लिए बाहरी स्थलों पर अच्छे गरमी में संरक्षण के उपायों का पालन करें।
2. जल जमाव को रोकने के लिए उपायग्रह बरतें जैसे कि ड्रेनेज को स्वच्छ रखें और खुले पानी को बंद करें।
3. जोड़ों में और अन्य खुली जगहों पर मच्छरों से बचाव के लिए मॉस्किटो रिपेलेंट का उपयोग करें।
4. जैविक संयंत्रों और पौधों के आवास को खाली करें, ताकि मच्छरों को प्रजनन के लिए स्थान न मिल सके।