भारत की अग्रणी ब्रांचलेस बैंकिंग और डिजिटल नेटवर्क कंपनी पेनियरबाय ने अपने महत्वाकांक्षी अभियान ‘डिजिटल नारी’ (Digital Naari) के तहत वाराणसी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) और ज़िला आयुक्त कार्यालय, वाराणसी के सहयोग से हुआ।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना और डिजिटल सेवाओं (Digital Naari) के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में एमएलसी धर्मेंद्र राय उपस्थित रहें। वहीं सीडीओ हिमांशु नागपाल की भी मौजूदगी रही।
महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का अवसर
‘डिजिटल नारी’ (Digital Naari) पहल के जरिए ग्रामीण स्तर की महिलाएँ अब डिजिटल टूल्स, वित्तीय सेवाएँ और उद्यमिता प्रशिक्षण का लाभ ले रही हैं। खासतौर पर विद्युत सखी और बीसी सखी को इसमें शामिल किया गया है, ताकि वे अपने गाँव और समुदाय में बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, बीमा, स्वास्थ्य सेवाएँ और ई-कॉमर्स जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करा सकें। इसके साथ ही उन्हें अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिल रहा है।

इस मौके पर एमएलसी धर्मेंद्र राय ने नारी सशक्तिकरण पर फोकस करते हुए नारी के सम्मान और अधिकार की बात को सभी के साथ साझा किया और उनके द्वारा समाज के प्रत्येक कार्य में हिस्सा लेने की भी सराहना की।
Digital Naari से जुड़ चुकी हैं 10,000 से अधिक महिलाएँ
अब तक उत्तर प्रदेश में 10,000 से अधिक महिलाएँ ‘डिजिटल नारी’ (Digital Naari) के रूप में जुड़ चुकी हैं। इनमें से कई महिलाएँ पहले से ही बीसी सखी और विद्युत सखी थीं, जिन्हें नए कौशल देकर उनकी आय बढ़ाने के मार्ग खोले गए हैं। इससे न केवल उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी है बल्कि पूरे समुदाय में डिजिटल और वित्तीय समावेशन भी मजबूत हुआ है।
पेनियरबाय ने घोषणा की कि अगले कुछ वर्षों में वह उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में 1 लाख ‘डिजिटल नारी’ तैयार करेगा। यह नेटवर्क ग्रामीण भारत में महिलाओं को सामाजिक बदलाव और आर्थिक विकास की अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।
इस अवसर पर आनंद कुमार बजाज ने कहा, “डिजिटल नारी ग्रामीण महिलाओं को बदलाव की प्रेरक शक्ति बनाने की हमारी प्रतिबद्धता है। हम उन्हें सही उपकरण और ज्ञान देकर ऐसा समुदाय बना रहे हैं, जो आत्मनिर्भर हो। आने वाले वर्षों में हमारा लक्ष्य 1 लाख महिलाओं (Digital Naari) को इस कार्यक्रम से जोड़ना है, ताकि भारत की डिजिटल विकास यात्रा में कोई भी महिला पीछे न रहे।”
वहीं जयत्री दासगुप्ता ने कहा, “डिजिटल नारी कार्यक्रम महिलाओं को घर या स्टोर से काम करने की आज़ादी देता है। वे स्थानीय मांग के अनुसार 25 से अधिक सेवाओं में से चुन सकती हैं और हर लेन-देन पर उन्हें कमीशन मिलता है। इससे न केवल महिलाओं को स्थायी आय मिलती है बल्कि गाँव और कस्बों में ज़रूरी डिजिटल व वित्तीय सेवाएँ लगातार उपलब्ध रहती हैं।”

