वाराणसी | जिलाधिकारी एस राजलिंगम (Varanasi DM) ने आज बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित होने वाले बलुआ घाट के गंगापुर गांव और रमचंदीपुर का दौरा किया। गंगापुर गांव के 160 परिवारों का घर बाढ़ के पानी में चारों ओर से घिर जाता है इसी के साथ साथ गंगा के किनारे मिट्टी का कटान भी होता है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम (Varanasi DM) ने बताया कि गांव को सुरक्षित करने के लिए गंगा के किनारे सिचाई विभाग के बंधी प्रखंड द्वारा अहरौरा क्षेत्र के पहाड़ों के बोल्डर को तारों से बांधकर 300 मीटर लंबे कटर बनाए जा रहे हैं। बंधी प्रखंड के सहायक अभियंता ने बताया कि 527.63 लाख की लागत से यह कार्य बरसात से पहले पहले पूरा कर लिया जाएगा।


इस दौरान जिलाधिकारी एस राजलिंगम (Varanasi DM) ने कहा कि गंगापुर गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 1 किलोमीटर रोड को सीसी रोड अथवा इंटरलॉकिंग द्वारा पक्का कराने हेतु एडीएम वित्त एवं राजस्व को प्रस्ताव तैयार कराने का निर्देश दिया गया। भ्रमण के दौरान उन्होंने देखा कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव रमचंदीपुर में भी यही स्थिति है।

Varanasi DM ने कहा 15 जून तक कार्य हो जायेगा पूरा
उन्होंने (Varanasi DM) कहा कि गंगा के किनारे कटान को रोकने के लिए 100.21 लाख की लागत से 6मीटर ऊंचा, 6 मीटर चौड़ा लगभग 245 मीटर के 35-35 मीटर के 8 कटर का निर्माण किया जा रहा है जो 15 जून तक पूरा किया जाना है। यहां के ठीकेदार को छोटे छोटे बोल्डर लगाने पर नोटिस देने और मजदूरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।

वहीं स्थानीय निवासियों का कहना रहा कि रमचंदीपुर, मोकल और गोबरहा का मार्ग बाढ़ के समय गंगा पुल के दोनों ओर पानी में डूब जाने से घिर जाता है।

