वाराणसी। सार्क ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन का वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय ऑर्थोपेडिक सम्मेलन शनिवार को नेपाल आर्थोपेडिक एसोसिएशन के साथ बूटवाल में संपन्न हुआ। तीन दिवसीय ऑर्थोपेडिक सम्मेलन में 600 सौ से ज्यादा अस्थि रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान संकायों ने अपने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
सम्मेलन में पूर्वांचल के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ० अजीत सैगल ने भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत अपने द्वारा इन्वेंट किए हुए स्वदेशी डॉ० सैगलस एच० टी० ओ० प्लेट का प्रदर्शन किया। यह प्लेट भारत सरकार द्वारा पेटेंट है।
डॉ० सैगल ने एच० टी० ओ० प्लेट के बारे में लोगों को बताया कि यह ग्रेड 3 के आस्टियोआर्थराइटिस में घुटने के नीचे से हड्डी को काटकर एक ब्लॉक के जरिए इस प्लेट को फिक्स किया जाता है, जिससे पैर सीधा हो जाता है और घुटना बदलने से बच जाता है। इसे मीडियल ओपन वेज हाई टीबयल ओस्टियोटोमी कहते हैं।
डॉ० सैगल ने टिबिया हड्डी के बोन मॉडल पर ओस्टियोटोमी कर के पैर के टेढ़े पन को सीधा करके प्लेट लगाने की वर्कशॉप कराई। काफी संख्या मे अस्थि रोग सर्जन ने बोन मॉडल मे प्लेट लगाना सीखा। सम्मेलन में उपस्थित कई अस्थि रोग विशेषज्ञों द्वारा इस प्लेट के बारे में प्रश्न पूछे गए। जिसमें डॉ० सैगल ने सभी के प्रश्नों का उत्तर दे करके उनके जिज्ञासाओं को शांत किया। इस दौरान उन्हें नेपाली टोपी पहना कर और दुपट्टा देकर सम्मानित किया गया। सार्क आर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ० रमेश सिंह, बांग्लादेश के डॉ० बारी और पाकिस्तान के डॉ० परवेज अंजुम ने संयुक्त रूप से डॉ० सैगल को प्रमाण पत्र प्रदान किया। नेपाल आर्थोपेडिक एसोसिएशन के डॉ० रविंद्र प्रधान, डॉ० दीपक महारा, डॉ महेश श्रीवास्तव एवं डॉ० लखन लाल शाह ने डॉ० सैगल को बधाई दी।