बिहार SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर चुनाव आयोग ने रविवार (17 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कड़ा जवाब दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सख्त शब्दों में कहा कि आयोग पूरी तरह पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ काम कर रहा है। चुनाव आयोग के दरवाजे सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं के लिए खुले हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके द्वारा नामित बीएलओ (BLO) लगातार सत्यापन कर रहे हैं। सभी स्तर पर मतदाता सूचियों का सत्यापन, हस्ताक्षर और वीडियो प्रशंसापत्र एकत्र किए जा रहे हैं। इसके बावजूद, कुछ नेताओं तक ये तथ्य नहीं पहुंच रहे हैं या फिर जानबूझकर जमीनी सच्चाई को नजरअंदाज कर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
7 करोड़ मतदाता आयोग के साथ
आयोग ने कहा कि बिहार में चल रहे विशेष सुधार अभियान (SIR) को सफल बनाने के लिए सभी स्तरों पर मेहनत हो रही है। चुनाव आयोग ने दावा किया कि बिहार के सात करोड़ से अधिक मतदाता आयोग के साथ खड़े हैं, ऐसे में आयोग की विश्वसनीयता या मतदाताओं की निष्ठा पर सवाल उठाना गलत है।
राहुल गांधी के आरोप खारिज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “वोट चोरी” के आरोपों को भी चुनाव आयोग ने बेबुनियाद बताया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग के लिए सभी राजनीतिक दल बराबर हैं। किसी तरह का भेदभाव संभव ही नहीं है, क्योंकि हर राजनीतिक दल का अस्तित्व चुनाव आयोग में पंजीकरण से शुरू होता है। उन्होंने कहा— “चुनाव आयोग के लिए कोई पक्ष और विपक्ष नहीं, सभी दल समकक्ष हैं।”
SIR पर सुधार की प्रक्रिया जारी
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटेगा। सभी दलों की तरफ से मतदाता सूची सुधार की मांग के बाद ही बिहार में SIR कराया जा रहा है। आयोग ने बताया कि नाम सुधार और गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए अभी भी 15 दिन का समय बचा है। इसलिए एक महीने का समय पहले ही दिया गया था।
आयोग ने राजनीतिक दलों से अपील की कि अगर मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी है, तो उसकी जानकारी सीधे चुनाव आयोग को दें ताकि प्रक्रिया को और सटीक बनाया जा सके।