मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के अवसर पर वाराणसी के गंगा घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का गंगा स्नान शुरू हो गया। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब दो लाख श्रद्धालु गंगा (Mauni Amavasya) में डुबकी लगा चुके हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु दान-पुण्य करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम सहित विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे।
मौनी अमावस्या पर स्नान और मौन का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु घरों से घाटों तक मौन रहकर पहुंचे और गंगा (Mauni Amavasya) में डुबकी लगाते नजर आए। राजेंद्र प्रसाद घाट और दशाश्वमेध घाट पर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। इसके अलावा अस्सी घाट, तुलसी घाट, जैन घाट, पंचगंगा घाट सहित अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी रही।
Mauni Amavasya:जल पुलिस नावें भी चौकन्नी
ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिला श्रद्धालु (Mauni Amavasya) गंगा स्नान के बाद चावल, आटा, दाल, नमक और सब्जियों का दान करती दिखीं। मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ प्रसन्न होते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने मेला (Mauni Amavasya) क्षेत्र को चार जोन और 11 सेक्टर में विभाजित किया है। घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि कोई गहरे पानी में न जाए। जल पुलिस की नावें लगातार गश्त करती रहीं, वहीं वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
घाटों के अलावा प्रसिद्ध मंदिरों पर भी उमड़ी भीड़
प्रशासन की ओर से नाविकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है। सभी नावों में जीवन रक्षक उपकरण रखने और निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। एक दिन पहले नाविकों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे। मौनी अमावस्या ((Mauni Amavasya) के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा संकट मोचन मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर, तुलसी मानस मंदिर, नया विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इन सभी मंदिरों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अस्सी घाट (Mauni Amavasya) पर पूजा-पाठ कराने वाले पुरोहित बलराम मिश्र ने बताया कि माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन मौन रहकर गंगा स्नान करने और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान का यह क्रम पूरे दिन जारी रहेगा।

