वाराणसी में एक बार फिर फर्जीवाड़े (Fraud) का मामला सामने आया है, जिसमें एक ठग ने नौकरी का झांसा देकर सेन्ट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB), नई दिल्ली में कार्यरत वैज्ञानिक से 5.9 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह धोखाधड़ी बनास अमूल डेयरी में नौकरी दिलाने के नाम पर की गई। पीड़ित वैज्ञानिक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Fraud: जॉब के नाम पर किया भरोसा, लिया लाखों रुपये
वैज्ञानिक राहुल कुमार वर्मा, जो कि मूल रूप से फूलपुर थानाक्षेत्र के खिल्लीपुर गांव के निवासी हैं, वर्तमान में सीपीसीबी दिल्ली में पदस्थ हैं। उन्होंने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि कुछ समय पहले बाबतपुर क्षेत्र में उनकी मुलाकात अखिलेश कुमार नामक एक व्यक्ति से हुई थी। बातचीत के दौरान अखिलेश ने दावा किया कि वह बनास अमूल डेयरी में संपर्क रखता है और राहुल की बहन को वहां आसानी से नौकरी दिला सकता है। उसने इसके बदले कुछ “खर्चे” की बात कही।
राहुल ने उस पर विश्वास कर यूपीआई और बैंक खाते के माध्यम से कुल 5.9 लाख रुपये उसे दे दिए। कुछ दिनों बाद अखिलेश ने एक नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) और एक पहचान पत्र (आई कार्ड) उन्हें सौंपा।
नौकरी के लिए पहुंचे तो खुला फर्जीवाड़े का पर्दा
जब राहुल अपनी बहन को लेकर तय तिथि पर बनास अमूल डेयरी पहुंचे, तो वहां प्लांट इंचार्ज आलोक मनी मिश्रा ने दिए गए दस्तावेजों को पूरी तरह फर्जी बताया। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई भर्ती नहीं की गई है और जो दस्तावेज राहुल के पास हैं, वे नकली हैं।
ठग ने किया गुमराह, फिर बंद कर दिया फोन
घबराए राहुल ने जब अखिलेश को फोन किया तो वह लगातार बहाने बनाता रहा। पहले उसने कहा कि वह बाहर है, फिर व्हाट्सऐप कॉल पर आने की बात कहने लगा। आखिरकार उसने यह कहकर बात खत्म कर दी कि सब असली है, वह जल्द ही आकर ज्वॉइनिंग करवा देगा। इसके बाद उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया और संपर्क पूरी तरह टूट गया।
पहले थाने, फिर डीसीपी से की शिकायत
राहुल ने बनास डेयरी के प्लांट इंचार्ज के साथ फूलपुर थाने में शिकायत की। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने उन्हें मामला गंभीर होने के कारण डीसीपी गोमती जोन प्रमोद कुमार से संपर्क करने की सलाह दी। डीसीपी को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
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इन धाराओं में मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
फूलपुर थाना पुलिस ने राहुल की तहरीर पर आईपीसी की धारा 318(2), 336(3) और 338 के तहत केस दर्ज किया है। एसओ फूलपुर के अनुसार, मामले में आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई है और सभी डिजिटल ट्रांजैक्शनों की जांच की जा रही है।
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