Ghazipur News: मानवता, शांति और एकता के संदेश को समर्पित लाट महोत्सव की 27वीं संगति का आयोजन रविवार को क्षेत्रीय सम्राट अशोक क्लब के तत्वावधान में किया गया यह कार्यक्रम गाजीपुर के सम्राट अशोक भवन परिसर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने शिरकत किया। जिन्होंने इस मौके पर कहा कि “सर्वे भवन्तु सुखिनः”… यही महात्मा बुद्ध का सार है, जो समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने आगे कहा कि “अत्त दीपो भव:” का तात्पर्य है प्रत्येक व्यक्ति स्वयं प्रकाशमान बने—जब आत्मा का प्रकाश जगेगा, तभी समाज में भी रोशनी फैलेगी।

पूर्व कुलपति का यह भी कहना रहा कि यह आयोजन कलिंग युद्ध के उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है, जब सम्राट अशोक युद्ध की विभीषिका से व्यथित होकर महात्मा बुद्ध के अनुयायी बने और अहिंसा, करुणा और धर्म के मार्ग पर चल पड़े। उन्होंने अपने पुत्र महेन्द्र और पुत्री संघमित्रा को बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए विदेश भेजा। लाट महोत्सव (Ghazipur News) में भी उसी करुणा और मानवता के संदेश को पुनः जनमानस तक पहुँचाने का कार्य हो रहा है।

भारतीयता की विविधता में एकता की मिसाल
प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता की सराहना करते हुए कहा कि यह देश विविध भाषाओं, खानपान और वेशभूषा के बावजूद एक सूत्र में बंधा है। यही विविधता हमारी एकता की असली ताकत है। हमारा संविधान और हमारी संस्कृति दोनों संयुक्त परिवार की भावना, परस्पर सहयोग और सह-अस्तित्व को पोषित करते हैं। यही भाव लाट महोत्सव (Ghazipur News) की आत्मा है।

कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ और प्रो. निर्मला एस. मौर्य द्वारा लाट परिसर में तिरंगा फहराकर की गई। इसके पश्चात नवनिर्मित सम्राट अशोक महान भवन का उद्घाटन संयुक्त रूप से फीता काट कर किया गया।

Ghazipur News: जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता
इस अवसर पर डॉ. विजय कुशवाहा, संजय कुशवाहा, पियूष राय, मनोज राय, राजेश मौर्य, दीनानाथ मौर्य, हरिश्चंद्र मौर्य, रविशंकर यादव, अशोक कुशवाहा, महेश कुशवाहा और गुलाब कुशवाहा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओंकार कुशवाहा ने की, जबकि संचालन विजय मौर्य ने किया।
इस आयोजन का मूल उद्देश्य बौद्ध दर्शन की मूल आत्मा—करुणा, शांति और आत्मप्रकाश—को सामाजिक स्तर पर पुनर्स्थापित करना रहा। गौरतलब है कि इस लाट महोत्सव (Ghazipur News) ने न केवल इतिहास की स्मृतियों को जीवंत किया, बल्कि आज के सामाजिक परिदृश्य में भी शांति, सहिष्णुता और सांस्कृतिक एकता के बीज बोने का कार्य किया।

