वाराणसी। ऑपरेशन ‘दोस्त’ से वापस लौटे NDRF के 51 जवानों का वाराणसी में शुक्रवार को भव्य स्वागत किया गया। बीते दिनों तुर्किये में भूकम्प के कारण वाराणसी से 51 सदस्यों की टीम को तुर्किये भेजा गया था। ये टीम शुक्रवार को चौकाघाट स्थित अपने बटालियन लौटी, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।

सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डॉ० दयाशंकर मिश्र, कमिश्नर कौशलराज शर्मा, कमांडेट मनोज कुमार शर्मा ने जवानों का स्वागत किया। इस कार्यक्रम विभिन्न स्कूलों के बच्चे, सामाजिक संगठन एवं NDRF के अधिकारी एवं अन्य टीम के लोगों ने लौटे हुए जवानों का हौसला बढ़ाया।
अनूठा रहा एक्सपीरियंस
ऑपरेशन “दोस्त” से लौटे जवानों ने कहा कि हमारा एक्सपीरियंस बहुत ही अनूठा रहा। पूरा शहर जहां पर खत्म हो चुका था हम ऐसी जगह पर गए थे। काम करने के लिए वहां बहुत कुछ था। हमने वहां पर दो जिंदगियां बचाई। हमने कई शव भी निकालें। वहां परिस्थितियां बहुत विपरीत थी लेकिन हमने विषम परिस्थितियों में काम किया।

टीम सफलतापूर्वक वापस लौटी: मंडलायुक्त
इससे हमें बहुत अच्छा लगा और बहुत कुछ सीखने को भी मिला। जवानों ने कहा कि वहां हम अपने आप को नहीं बल्कि अपने भारत को रिप्रेजेंट कर रहे थे। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि काशी की 11वीं एनडीआरएफ की टीम को तुर्की रेस्क्यू के लिए भेजा गया था। यह टीम सफलतापूर्वक अपना काम करके काशी वापस आई है।
इन जवानों का नागरिक अभिनंदन और यूनिट अभिनंदन का कार्यक्रम रखा गया है। इस पूरी टीम में 51 सदस्य और डॉग स्क्वायड की टीम का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि यहां सब लोग अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ टीम को चिन्हित करके तुर्की भेजा। इन लोगों ने वसुधैव कुटुंबकम की भावना को दूसरे देश में जाकर चरितार्थ किया है।

