Gyanvapi ASI Update: ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। जिसमें दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने इस मामले में फैसले की तारीख 3 अगस्त निर्धारित की। तब तक के लिए सुप्रीमकोर्ट का सर्वेक्षण पर रोक का अंतरिम आदेश जारी रहेगा। इस मामले में 3 अगस्त को सुनवाई के बाद ही कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।
हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। 3 अगस्त को इस मामले में कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। तब तक के लिए ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वेक्षण (Gyanvapi ASI Update) पर रोक जारी रहेगी।
सरकार के ओर से कोर्ट को जानकारी दी गई कि मंदिर CISF सुरक्षा में है। कोर्ट ने हिन्दू पक्ष से पूछा कि वाद तय करने में देरी क्यों हो रही है? जिसपर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट कार्यवाही की जानकारी दी।

Gyanvapi ASI Update: मुस्लिम पक्ष ने Worship Act 1991 की दी दुहाई
दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष के वकील एसएफए नकवी ने कोर्ट को बताया कि 1947 से भवन की यही स्थिति है। जिसमें बदलाव नहीं किया जा सकता है। प्लेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट की धारा 3 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति पूजा स्थल की पृकृति में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं कर सकता।
इससे पूर्व बुधवार को भी इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें ASI (Gyanvapi ASI Update) के वैज्ञानिकों को कोर्ट में तलब किया गया था। ASI के अपरनिदेशक ने हलफनामा दायर करते हुए कोर्ट को बताया था कि सर्वे से भवन को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा। चीफ जस्टिस प्रीतिकर दिवाकर की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट में कोर्ट में एक सवाल के जवाब में कहा कि मोहम्मद गजनी से लेकर कई बार मंदिरों को तोड़ा गया। आजादी के बाद सभी को पूजा अधिकार मिला। भवन पुराना है पर हिंदू मंदिर है। कोर्ट न्याय हित में जरूरी समझे तो विशेषज्ञ जांच का आदेश दे सकती है।
भवन के भीतर मंदिर के अवशेष हैं। हमारे पास इसके साक्ष्य मौजूद हैं। ASI जांच कर पता कर सकती है। औरंगजेब ने मंदिर तोड़ा, निर्माण नहीं किया। मुस्लिम्स ने मंदिर की दीवार पर मस्जिद का रूप दिया।
विष्णु शंकर जैन ने टैबलेट से चीफ जस्टिस को फोटोग्राफ (Gyanvapi ASI Update) भी दिखाया। जैन ने कहा- ज्ञानवापी परिसर के अंदर संस्कृत श्लोक, पुराने ज्योतिर्लिंग, हिंदू कलाकृतियां आदि मौजूद हैं। हमारे आवेदन के साथ पश्चिमी दीवार की एक तस्वीर है। हम बैरिकेडिंग एरिया का सर्वे चाहते हैं।