Gyanvapi Case: सिविल जज सीनियर डिवीजन (एफटीसी) प्रशांत सिंह की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी से जुड़े एक प्रकरण में सुनवाई टल गई। पीठासीन अधिकारी अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। इस मामले में अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य शैलेन्द्र योगीराज सरकार ने दो अगस्त को अदालत में वाद दाखिल किया था। वाद में कहा कि सावन माह में ज्ञानवापी परिसर में प्रकट आदिविश्वेश्वर (शिवलिंग की आकृति) की पूजा-अर्चना और राग भोग की मांग की। हिन्दुओं के लिए श्रावण में शिव पूजा का विशेष महत्व है। हिन्दू लोग इस माह में मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा करते हैं।
Gyanvapi Case: मूर्ति को पूजा पाने का मिले अधिकार
जबकि ASI सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर में साक्षात शिवलिंग (आकृति) दिखाई पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश ड्रयूली प्रोटेक्शन के आदेश के तहत मूर्ति को पूजा पाने का अधिकार मिलना चाहिए। इसलिए आकृति के पूजा-पाठ का अधिकार दिया जाये। अदालत ने पिछली कई तिथियों में प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर पक्ष रखने का निर्देश दिया है।