Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के स्वयंभू लार्ड आदि विश्वेश्वर मामले में लोहता निवासी मुख़्तार अंसारी की जमानत फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने ख़ारिज कर दी। इस मामले में अगली सुनवाई चार मई को होगी।
लोहता निवासी मुख्तार अहमद अंसारी ने पक्षकार बनने के लिए दो जुलाई 2022 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। मुख्तार अहमद अंसारी की इस प्रार्थना पत्र पर आपत्ति करते हुए वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने दलील देते हुए वाद 15 अक्टूबर 1991 को अदालत में दाखिल किया गया।
Gyanvapi Case: अंजुमन ने पक्षकार बनाए जाने का किया था समर्थन
अदालत द्वारा उक्त वाद में पक्षकार बनने के लिए समाचार पत्र में इसकी सूचना भी प्रकाशित कराया गया किन्तु तय समय-सीमा तक कोई भी व्यक्ति पक्षकार बनने के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। वहीं अंजुमन इंतजामिया मसाजिद व उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से दलील दी गई कि मुख्तार अहमद अंसारी को मुकदमे का पक्षकार बनाए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।