Gyanvapi Survey Report: ज्ञानवापी परिसर में 100 दिनों तक चले भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण यानी ASI सर्वे का काम पूरा हो चुका है। ASI की टीम सर्वे रिपोर्ट मंगलवार को जिला जज की अदालत में दाखिल कर सकती है। अदालत ने रिपोर्ट दाखिल करने की जो समय सीमा निर्धारित की थी, वह अब समाप्त हो चुकी है। इस मामले की सुनवाई भी मंगलवार को होनी है।
डॉ० अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बीते 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सील वजूखाने को छोड़कर पूरे ज्ञानवापी परिसर के सर्वे (Gyanvapi Survey Report) का आदेश दिया था। ASI की टीम ने 24 जुलाई से सर्वे का काम शुरू किया। इसी दौरान अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी सर्वे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे के आदेश पर रोक लगाई और मसाजिद कमेटी को इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने का आदेश दिया।

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हुए 4 अगस्त को जिला जज के आदेश को सही ठहराया। ASI की टीम ने 4 अगस्त से लगातार सर्वे का काम शुरू किया। जो अक्टूबर अंत तक चला। 2 नवंबर को सी ने जिला जज की अदालत को बताया कि सर्वे पूरा हो गया है, लेकिन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। GPR तकनीक से हुए सर्वे की रिपोर्ट बनाने में समय लग रहा है। अदालत ने दो बार समय सीमा बढ़ाई थी। मंगलवार को समय सीमा पूरी हो जाएगी। उम्मीद की जा रही है इस बार रिपोर्ट दाखिल हो जाएगी।
Gyanvapi Survey Report: मुस्लिम पक्ष ने हर पल अदालत के ऑर्डर को दी चुनौती
सर्वे का मामला लंबे समय तक विवादों में फंसा रहा। जिला जज की अदालत के आदेश को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट और फिर हाई कोर्ट में चुनौती दी। सर्वे शुरू हुआ तो अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के पदाधिकारी से थोड़ी अनबन हो गई। कमेटी के पदाधिकारियों ने हिंदू पक्ष और ASI पर मनमानी का आरोप लगाया और दो दिनों के लिए सर्वे रोक दिया। बाद में जिला जज की अदालत ने सर्वे को आगे बढ़ाने का आदेश दिया। तब जाकर मामला सुलझ सका। अब रिपोर्ट दाखिल होने और मामले में सुनवाई होने का इंतजार है।