शरीर को एनर्जी प्रदान करने वाले तीन मुख्य मैक्रोन्यूट्रिएंट्स में से एक हैं-फैट
हमें फैट से भरपूर आहार को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करना चाहिए। लेकिन लोग स्लिम-ट्रीम दिखने की चाहत में आजकल अपनी डाइट से ऑयल, घी और बटर को गायब ही कर रहेहै, लेकिन वो इस बात से अंजान हैं कि फिट रहने के लिए इसकी थोड़ीमात्रा जरूरी है। जो मोटापा नहीं बढ़ाते बल्कि बॉडी को दिनभर में जितनी एनर्जी की जरूरत होती है ये उसे सप्लाई करने का काम करते हैं।
शरीर को एनर्जी प्रदान करने वाले तीन मुख्य मैक्रोन्यूट्रिएंट्स हैं- कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट। स्वास्थ्य विशेषज्ञ की माने तो, वो कहते है फैट हमारे शरीर के लिए जरूरी है।यह भी दो प्रकार का होता है- अच्छे और बुरा फैट।

इसे अपनी डाइट में शामिल करने की वजह
ज्यादातर नेचुरल फूड प्रोडक्ट्स में थोड़ा-बहुत ये मौजूद होता है और ये फैट हमारे लाइफ के लिए बहुत जरूरी भी है, क्योंकि एनर्जी देने के साथ ही ये उसे स्टोर करने का भी काम करता है। एनर्जी की कमी से थकान, सिरदर्द, चक्कर और दिमाग के काम करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होते जाती है।
जानें इसके दो जरूरी प्रकारों के बारे में
अच्छा फैट: डाइट में मोनो सैच्युरेटेड और पॉलीअनसैच्युरेटेड की सीमित मात्रा जरूरी है। रिसर्च बताते हैं कि मोनोसैच्युरेटेड फैट्स जैसे- ड्राई फ्रूट्स, पीनट-आमंड बटर, एवोकैडो, वेजिटेबल ऑयल्स (ऑलिव ऑयल, केनोला ऑयल, पीनट ऑयल) सेहत के लिए फायदेमंद हैं। पॉली अनसैच्युरेटेड जैसे- ओमेगा-3 फैटी एसिड्स हार्ट को हेल्दी रखते हैं। सालमन फिश, फ्लैक्स सीड्स (अलसी), केनोला ऑयल के अलावा टोफू, रोस्टेड सोयाबींस, सोया नट्स, वॉलनट्स, सनफ्लॉवर सीड्स व ऑयल आदि में ये पाए जाते हैं।
बुरा फैट: आमतौर पर सैच्युरेटेड और ट्रांस-ये इसके दो प्रकार है जो हार्ट्स के लिए सही नहीं होते। मीट और डेयरी उत्पादों में पाया जाने वाला सैच्युरेटेड फॉम ब्लड कोलेस्ट्रॉल स्तर और लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) को बढ़ाता है। इसे रिफाइंड काब्र्स वाले खाद्य पदार्थों के साथ लिया जाए तो टाइप टू डायबिटीज और हृदय रोगों की आशंका बढ़ जाती है। ये इन प्रोडक्टस में पाये जाते है, जैसे- चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, डोनट्स, कुकीज, केक, पेस्ट्रीज, बटर पॉपकॉर्न को इसीलिए हेल्दी नहीं माना जाता।
कैसे खाएं
युवाओं को रोजाना इसकी 3-4 टीस्पून की मात्रा चाहिए होती है। इसमें कुकिंग ऑयल, घी, बटर, डेयरी उत्पाद शामिल हैं। मेनोपॉज के दौरान हॉर्मोनल बदलाव की वजह से वजन बढ़ने लगता है, इसलिए कम ऑयल लेने की सलाह दी जाती है। इस दौरान डाइट में सोया, सोयाबीन ऑयल, फ्लैक्स सीड्स, सोया नट्स, फ्रूट्स और सब्जियों को डाइट में शामिल करना चाहिए।
Anupama Dubey

