India Alliance: आगामी लोकसभा चुनाव में NDA को शिकस्त देने के लिए बनाए गए ‘इंडिया गठबंधन’ में अब दरार पड़ गया है। एक ओर जहां सपा व कांग्रेस एक दूसरे परपक्षाघात का आरोप लगा रहे हैं। वहीँ अब इस मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की भी एंट्री हो गई है।
कांग्रेस और सपा के नेता इन दिनों राजनीति में अपनी पार्टी को सर्वश्रेष्ठ बताने में एक दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं। अब इस मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आग में घी डालने का काम कर दिया है। कमलनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर तीखा बयान दिया है।
एमपी विधानसभा चुनाव को लेकर दिए गए बयान में कमलनाथ ने कहा, ‘माहौल बहुत अच्छा है। लोग हमें फोन कर रहे हैं और बता रहे हैं कि लोगों में उत्साह है। हम उम्मीद से भी ज्यादा अच्छे नंबर से जीतेंगे… अरे भाई छोड़ो अखिलेश वखिलेश…’
India Alliance में यहां से शुरू हुई लड़ाई
दरअसल, सपा और कांग्रेस की लड़ाई [India Alliance] मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से शुरू हुई। जिसमें दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बात नहीं बनी और दोनों ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए। इसके चलते कई सीटों पर कांग्रेस और समाजवादी उम्मीदवार आमने-सामने आ गए।
इसी बीच यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीतापुर में कांग्रेस को धोखेबाज बता दिया। साथ ही यह भी संकेत दिया कि यदि कांग्रेस न सुधरी, तो समाजवादी पार्टी आने वाले समय में गठबंधन छोड़ सकती है। जिसके बाद इंडिया गठबंधन [India Alliance] में सियासी हलचल तेज हो गई थी।
अखिलेश यादव ने कहा, ‘हमने एक मीटिंग बुलाई। हमने उन्हें अपनी पूरी परफॉरमेंस बताई कि किस समय पर सपा के विधायक कहां-कहां जीते हैं। कभी एक, दो, पांच जीते और किस जगह पर दो नंबर पर रहे। रात 1 बजे तक पूरी चर्चा हुई और आश्वासन दिया कि हम 6 सीटों पर विचार करेंगे, लेकिन जब रिजल्ट आया और घोषित की गई सीटें तो सपा शून्य रही।”
अखिलेश ने आगे कहा कि अगर मुझे पता होता कि विधानसभा स्तर पर सभी पार्टियों का कोई गठबंधन [India Alliance] नहीं है, तो हमारी पार्टी के लोग कभी इनसे मिलने भी नहीं जाते। न ही हम कांग्रेस के लोगों को कोई सूची देते और न ही हम या हमारी पार्टी के लोग इनका कोई फोन उठाते। यदि उन्होंने [कांग्रेस] के लोगों ने यह बात कही है कि गठबंधन नहीं है, तो हम इसे स्वीकार करते हैं कि हां, गठबंधन नहीं है। यदि गठबंधन केवल उत्तर प्रदेश में केंद्र के लिए होगा तो उस पर विचार किया जाएगा। जैसा व्यव्हार समाजवादी पार्टी के साथ होगा, वैसा ही उनके साथ भी किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कांग्रेस के यूपी प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस अपने चिरकूट नेताओं से समाजवादी पार्टी पर बयान दिलवाना बंद करे। अखिलेश यादव के इस बयान पर अजय राय ने भी पलटवार किया था। बता दें कि कांग्रेस ने एमपी में कुल 229 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने कुल 31 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है।