Iqra Khan: राम जन्मभूमि स्थित भव्य मंदिर परिसर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा होनी है। ऐसे में श्री रम मंदिर निर्माण में पमुख भूमिका निभाने वाले लोगों को बारी-बारी से आमंत्रित किया जा रहा है। रामलला के लिए जब वर्ष 2021 में समर्पण निधि शुरू हुई, तो लोगों ने इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। काशी प्रांत में लोगों ने कुल 92 करोड़ रुपए भगवान श्री राम के चरणों में समर्पण निधि दान की।
रामलला के इस अभियान में हिन्दुओं के साथ ही मुस्लिमों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसमें एक नाम इकरा खान [Iqra Khan] का भी है। इकरा पहली मुस्लिम महिला थीं, जिन्होंने रामलला के आंगन के लिए 11 हजार रुपए की धनराशि अखिल भारतीय संत समिति के माध्यम से दान में दी थी।
इकरा खान [Iqra Khan] ने जनवरी 2021 में अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती को 11 हजार रुपए की समर्पण राशि दान में दी थी। उस समय इनका नाम काफी चर्चा में आया था। इकरा खान ने धनराशि देने के बाद बकायदा अपने हाथ पर राम नाम का टैटू बनवाया था। इकरा खान ने उस समय कहा था कि राम मंदिर को रामराज्य के तौर पर देखा जाय। इसे हिंदू-मुस्लिम में न देखा जाय। इसकी परिकल्पना हमारे बुजुर्ग सदियों से करते आ रहे हैं। इकरा के साथ ही 22 एनी मुस्लिम परिवारों ने राम मंदिर निर्माण में दान दिया था।
Iqra Khan के साथ कई मुस्लिम परिवारों ने किया था राम मंदिर के लिए दान
इस संबंध में स्वामी जितेन्द्रानंद ने बताया कि समर्पण निधि में बनारस में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। श्री राम के आराध्य भोले की नगरी में समर्पण निधि को लेकर अलग-अलग तस्वीर सामने आई थी, जिसमें भिखारी के साथ-साथ मुस्लिम परिवारों का दान चर्चा का विषय बना था। लेकिन इन चर्चाओं में सबसे ज्यादा चर्चा इकरा खान की हुई थी, जिसे अब अखिल भारतीय संत समिति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने के लिए निमंत्रण देगी।