Jitendrananda Saraswati : ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर पुरे देश में चर्चाएँ तेज हैं। ऐसे में आज गुरूवार को अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने प्रेस वार्ता में मुस्लिम धर्मगुरुओं पर बड़ा आरोप लगाया है। महामंत्री स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती ने मुस्लिम धर्मगुरुओं पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता में उन्होंने [Jitendrananda Saraswati] कहा कि ज्ञानवापी के विषय से सम्बंधित न्यायालय, न्यायाधीश, पुलिस और प्रशासन के अधिकारीयों को व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया जा रहा है और इन लोगों के द्वारा काशी को अस्थिर करने के लिए षडयंत्र रचे जा रहे हैं।
स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती [Jitendrananda Saraswati] ने कहा कि देश के अंदर अजरकता उत्पन्न कर न्यायालय पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। अपने आरोप में उन्होंने बनारस से भी कुछ धर्मगुरुओं के द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में जाकर धर्मसभा को सम्भोधित करते हुए ज्ञानवापी का मुद्दा उठाने की बात कही है। इसका एक प्रमाण उन्होंने सोशल मीडिया के एक पेज का लिंक ओपन करके मीडिया को दिखाया।
पूजा रूकवाने के लिए हर – तरह का हो रहा षड्यन्त्र – Swami Jitendrananda Saraswati
इसके साथ ही उन्होंने [Jitendrananda Saraswati] आगे कहा कि 31 जनवरी से न्यायालय के आदेश पर ज्ञानवापी के नीचे व्यासजी के तलगृह में पूजा प्रारम्भ हुई है। पूजा रूकवाने के लिए हर – तरह का षड्यन्त्र हो रहा है। न्यायालय और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है। किसी भी परिस्थिति में अगर पूजा रोकी जाएगी तो फिर वहाँ पर नमाज को भी रोकना होगा।
संवैधानिक अधिकारों का हनन तो हिन्दुओं को हुआ था, जब 1993 में बिना किसी लिखित आदेश के ज्ञानवापी तलगृह में पूजा बन्द करा दी गई थी। इसके लिए किसी न्यायालय ने कोई आदेश नहीं दिया था। यदि ऐसा कोई आदेश था तो प्रशासन को यह सार्वजनिक कर सच्चाई देश के सामने रखनी चाहिए।
महामंत्री स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती ने यह भी कहा कि ज्ञानवापी में पहले केवल 100-200 लोग नमाज पढ़ते थे। यह सूची प्रशासन के पास है। अदालत के आदेश पर जिस समय सर्वे प्रारम्भ हुआ, उस समय से काफी संख्या में बाहरी लोग नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा होने लगे हैं।
बाहरी नमाजियों पर रोक लगाने की माँगा करते हुए बाहरी लोगों के आने से माहौल खराब होता है। इसलिए बाहरी लोगों को वहाँ आने से रोका जाए। उनके परिचय-पत्र की जाँच हो। वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी हो। जो लोग भी माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर उन पर कानूनी कार्यवाही की जाए। सन्त समाज भी इस पर अपने तरीके से नजर रखेगा।