अब तक मुलेठी को सिर्फ खांसी ठीक करने के लिए ही जाना जाता था, लेकिन यहां जानिए इसके और भी फायदों के बारे में। स्वाद में मीठी मुलेठी कैल्शियम, ग्लिसराइजिक एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन और वसा के गुणों से भरपूर होती है। इसका इस्तेमाल आंखों के रोग, मुंह के रोग, गले के रोग, दमा, दिल के रोग, घाव के उपचार के लिए सदियों से किया जा रहा है। यह वात, कफ, पित्त तीनों दोषों को शांत करके कई रोगों के उपचार में रामबाण का काम करती है।
इम्युनिटी बूस्टर है
मुलेठी एक प्रकार का जड़ है जिसमें मौजूद एंजाइम मैक्रोफेज और लिम्फोसाइट्स जेनेरेट करता है, यह दोनों इम्युनिटी बूस्ट करने में मदद करते हैं। साथ ही संक्रमण पैदा करने वाले सूक्ष्म जीवों और एलर्जेंस से शरीर को प्रोटेक्ट करते हैं।
उचित परिणाम के लिए मुलेठी की चाय को अपनी नियमित डाइट में शामिल करें। यह इम्युनिटी को मजबूत बनाता है और आपके शरीर को संक्रमण और बैक्टीरिया से सुरक्षा प्रदान करता है। मुलेठी में कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं। साथ ही इसके कंपाउंड त्वचा और स्तन में कैंसर सेल्स के विकास को धीमा कर देते हैं।
पाचन में सुधार करती है
मुलेठी पाचन क्रिया के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसका नियमित सेवन पाचन तंत्र में गैस बनने से रोकता है साथ ही इन्फ्लेमेशन और ब्लोटिंग को कम करने में मदद करता है। मुलेठी पाउडर और चूर्ण का सेवन भूख बढ़ाने में मदद करता है, जिससे अपच की समस्या दूर होती है।
मुलेठी में भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है इसलिए यह कब्ज की समस्या के लिए एक अचूक उपाय है। मुलेठी आपके शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ा देती है।
त्वचा को क्षति से बचाती है
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन के अनुसार मुलेठी में एंटीवायरल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह सभी गुण इसे एक्जिमा, एटोपिक डर्माटाइटिस और मुहांसो जैसी त्वचा संबंधी समस्यायों का एक उचित उपचार बनती हैं। इसके अलावा, इसमें यूवी अवरोधक एंजाइम होते हैं, जो त्वचा को सूरज की किरणों से होने वाली क्षति से बचाते हैं।
मुलेठी पाउडर का सेवन या इसे त्वचा पर टोपिकली अप्लाई करने से त्वचा पर हुए दाग-धब्बों के निशान काफी हद तक कम हो जाते हैं। यह स्किन को ग्लोइंग बनाता है और त्वचा के टेक्सचर और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है।
श्वसन संबंधी समस्याओं में देती है राहत
कई भारतीय शास्त्रीय गायक मुलेठी का सेवन करते हैं। पब मेड सेंट्रल के अनुसार मुलेठी में एंटी-अस्थमैटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं। यह सभी गुण आवाज को बेहतर बनाते हैं और गले को आराम पहुंचाते हैं। सर्दी-खांसी, गले की खराश, फ्लू जैसे संक्रमण में मुलेठी प्रभावी रूप से काम करती है। साथ ही ब्रोन्कियल नलियों में हुए सूजन से निपटने में भी असरदार होती है।
आंखों के रोग के लिए मुलेठी
मुलेठी के काढे से आंखों को धोने से आंखों के रोग दूर होते हैं. मुलेठी चूर्ण में बराबर मात्रा में सौंफ का चूर्ण मिलाकर एक चम्मच शाम को खाने से आंखों की जलन मिटती है तथा आंखों री रोशनी भी बढ़ती है। मुलेठी को पानी में पीसकर उसमें रूई का फाहा भिगोकर आंखों पर बांधने से आंखों के आसपास लालपन मिट जाता है।
माइक्रोब्स म्यूकस लाइनिंग बनाते हैं जिससे खांसी और जुकाम होता है। इस स्थिति में मुलेठी इन माइक्रोब्स को साफ करते हुए, बलगम, खांसी और अन्य सामान्य श्वसन संक्रमण को रोकती है और शरीर को सभी प्रकार के संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करती है।
Anupama Dubey

